App

दूसरी तिमाही में प्राइवेट बैंकों की बल्ले-बल्ले! नतीजों ने उड़ाए होश, मुनाफा बढ़ने के बावजूद बढ़ रही चिंता!

मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के दौरान सितंबर तिमाही में देश के प्रमुख प्राइवेट बैंकों का प्रॉफिट बढ़ा है. लेकिन उनके मार्जिन में गिरावट आई है। इसका कारण FCNR-B स्कीम से जमा बढ़ने के बाद बैंकों को फंडिंग से जुड़ी लागत बताई जा रही है.

दूसरी तिमाही में प्राइवेट बैंकों की बल्ले-बल्ले! नतीजों ने उड़ाए होश, मुनाफा बढ़ने के बावजूद बढ़ रही चिंता!
Image Credit: (File Photo) एचडीएफसी बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में सितंबर तिमाही के दौरान गिरावट दर्ज की गई.

फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित हो गए हैं. दूसरी तिमाही के दौरान प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने मिला-जुला लेकिन शानदार प्रदर्शन दिखाया है. एक तरफ बैंकों का नेट प्रॉफिट बढ़ा है, दूसरी तरफ HDFC, ICICI और Axis Bank जैसे दिग्गज बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में कमी देखी गई. आरबीआई की तरफ से शुरू की गई एनआरआई स्पेशल डिपॉजिट (FCNR-B) स्कीम के कारण बैंकों के पास डिपॉजिट तो रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचा. लेकिन बदले में ज्यादा ब्याज देने से बैंकों की फंडिंग से जुड़ी लागत भी बढ़ गई.

देश के तीन सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सितंबर तिमाही के दौरान गिरावट दर्ज की. इसका असल कारण जमा जुटाने के लिए बैंकों के बीच लगातार बढ़ता कॉम्पटीशन और फंडिंग की हायर कॉस्ट रही. एक्सिस बैंक का मार्जिन 37 बेसिस प्वाइंट गिरकर 3.36% रह गया. हालांकि, बैंक का नेट प्रॉफिट 37.6% बढ़कर 7,003 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

bankslist

HDFC बैंक का मार्जिन 11 बेसिस प्वाइंट गिरा

इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक की बात करें तो मार्जिन 12 बेसिस प्वाइंट घटकर 4.18% पर आ गया. लेकिन लोन ग्रोथ के दम पर बैंक का प्रॉफिट 20.1% बढ़कर 14,843 करोड़ पर पहुंच गई. HDFC बैंक का मार्जिन भी 11 बेसिस प्वाइंट गिरकर 3.16% रह गया, जबकि इसका प्रॉफिट 4.7% बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

1,080 करोड़ नेट प्रॉफिट दर्ज किया

इसी तरह YES Bank ने सितंबर तिमाही में 65% की ग्रोथ दर्ज की और 1,080 करोड़ नेट प्रॉफिट दर्ज किया. बैंक का प्रॉफिट भी 10 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 2.6% हो गया. लेकिन बैंक की तरफ से साफ किया गया कि यदि सुप्रीम कोर्ट के 8,415 करोड़ के AT-1 बॉन्ड्स के फैसले को शामिल किया जाता तो बैंक को 5,217 करोड़ का भारी नुकसान होता.

FCNR(B) डिपॉजिट से 7 बिलियन डॉलर जुटाए

एचडीएफसी बैंक ने FCNR(B) डिपॉजिट के माध्यम से 7 बिलियन डॉलर जुटाए हैं, जिनकी लागत 6% से 6.25% के बीच रही. इसके बाद बैंक ने होम लोन मार्केट में कॉम्पटीशन से पीछे हटने का ऑप्शन चुना ताकि उसके मार्जिन पर असर नहीं पड़े. बैंक की तरफ से उम्मीद जताई गई कि आने वाली तिमाहियों में लोन रेट्स रिप्राइस होने से मार्जिन में फिर से सुधार देखने को मिलेगा.

बड़े बैंकों के उलट कुछ मिड-साइज प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के बैंकों के मार्जिन में भी उछाल देखा गया. फेडरल बैंक (Federal Bank) का प्रॉफिट 26 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 3.32% हो गया. बैंक का प्रॉफिट 45% बढ़कर 1,386 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. सेंट्रल बैंक का मार्जिन 3.01% बढ़ा, जिससे मुनाफा 21% बढ़कर 1,469 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
Read More