Cabinet Meeting : कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्रीन एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल के लिए सरकार का मेगा प्लान, ₹14500 करोड़ होंगे खर्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹2,814 करोड़ की योजना समेत VISTAR और ऊर्जा भंडारण से जुड़ी ₹14,500 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है.
Cabinet Meeting Outcome : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट में बड़ा फैसला हुआ है. PM मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई योजनाओं को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है. केंद्र सरकार ने लिथियम और निकेल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के 2814 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है. एनर्जी सेक्टर को बूस्ट देने के लिए 14500 करोड़ रुपए के प्लान को मंजूरी दी है.
2,814 करोड़ रुपये का बजट
सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत में 'क्रिटिकल मिनरल' (महत्वपूर्ण खनिजों) की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए एक 'कैपिटल एक्सपेंडिचर सपोर्ट स्कीम' (पूंजीगत व्यय सहायता योजना) को मंजूरी दी है. ये योजना 'आत्मनिर्भर भारत' के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
इस योजना के लिए 2,814 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और इसे 2026-27 से 2030-31 तक, यानी पांच वर्षों के लिए लागू किया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना है. इसमें शामिल प्रमुख खनिजों में लिथियम और निकेल आते हैं.
इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, बैटरी, रक्षा, भारी उपकरण और मशीनरी जैसे विनिर्माण क्षेत्रों को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा. साथ ही, उन सभी उद्योगों को भी फायदा होगा जो इन महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग करते हैं.
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14,500 करोड़ रुपये की 'वायबिलिटी गैप फंडिंग स्कीम' को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने 4,371.10 करोड़ रुपये के बजट के साथ 'विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च (VISTAR)' को मंजूरी दी है. इसमें कौशल विकास, सर्वे के तरीकों में सुधार, विश्वविद्यालयों में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने, डेटा संग्रह की आवृत्ति बढ़ाने, डेटा इकट्ठा करने के नए तरीके अपनाने और मूल्यांकन प्रक्रिया को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा.
मंत्रिमंडल ने 92 GWh ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ऊर्जा भंडारण प्रणाली) के विकास के लिए 14,500 करोड़ रुपये की 'वायबिलिटी गैप फंडिंग स्कीम' को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत 30 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, 60 GWh पंपड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स और 2 GWh की नई स्टोरेज तकनीकों को समर्थन दिया जाएगा.
कैबिनेट फैसले की बड़ी बातें
- 92 गीगावाट घंटा ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के प्रोजेक्ट पर होगा काम.
- लिथियम जैसे खनिजों के प्रोसेसिंग के लिए 2,814 करोड़ की योजना को मंजूरी.
- सरकार ने एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए मंजूर किए 14,500 करोड़ रुपए.