भूख से बिलबिलाया पाकिस्तान! 30 रुपये की रोटी, 165 रुपये का 1 KG आटा, पड़ोसी मुल्क में यह क्या हो रहा
Wheat Shortage in Pakistan: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के पेशावर में आटे और रोटी का भारी संकट पैदा हो गया है. बाजार में 20 किलो आटे की बोरी 3,300 रुपये की बिक रही है. 50 ग्राम वाली रोटी की कीमत बढ़कर 30 रुपये पर पहुंच गई है. आइए जानते हैं पाकिस्तान में गहराते खाद्य संकट की पूरी रिपोर्ट.
Pakistan Food Crisis: पाकिस्तान में चल रही आर्थिक बदहाली के बीच एक बार फिर से आटे की भारी किल्लत हो गई है. पड़ोसी मुल्क की आम जनता के लिए पेट भरना किसी चुनौती से कम नहीं हो रहा. खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में बाजार से सरकारी सब्सिडी वाला आटा गायब हो गया है और आटे के दाम आसमान छू रहे हैं. इन हालात के बीच आम आदमी को 20 किलो वाले आटे के पैकेट के लिए 3,300 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है. इस हिसाब से एक किलो आटे का दाम बढ़कर 165 रुपये हो गया है. आटे के दाम बढ़ने से बाजार में रोटी की कीमत अचानक 50% तक बढ़ गई. यह पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान में आटे की किल्लत हुई हो. पिछले कुछ साल के दौरान पाकिस्तान में कई बार गेहूं और आटे की सप्लाई पर असर पड़ा है.
आटे के दाम में बेहताशा इजाफा होने के बाद बढ़ती कीमत का सीधा असर पेशावर की बेकरियों और तंदूरों पर देखने को मिल रहा है. बेकरी वालों ने 50 ग्राम की एक रोटी के दाम 20 रुपये से बढ़ाकर सीधे 30 रुपये कर दिये हैं. इतना ही नहीं खैबर बाजार, अशरफ रोड, नमक मंडी और कराची जैसे प्रमुख बाजार में सिंगल रोटी की बिक्री को बंद कर दिया गया है. दुकानदारों की तरफ से ग्राहकों को मजबूरी में 40 रुपये की डबल रोटी लेने के लिए कहा जा रहा है. बढ़ती कीमत के बीच लोगों की तरफ से शिकायत की गई कि दाम में इजाफा किये जाने के बावजूद रोटी का वजन लगातार घटाया जा रहा है.
आटे की किल्लत और मुनाफाखोरी का खेल
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार बाजार में यह क्राइसिस प्राकृतिक कमी से ज्यादा कृत्रिम किल्लत (Artificial Shortage) के कारण बना हुआ है. आरोप है कि आटा डीलर्स ने कुछ ही दिन में कालाबाजारी करके करोड़ों रुपये कमा लिया है. खुले बाजार में फाइन आटे की 20 किलो वाली बोरी 3,120 रुपये और मोटे आटे का 80 किलो का बैग 13,200 रुपये तक बेका जा रहा है. हालात बिगड़ने के बाद प्रवर्तन एजेंसियों ने शहर के बड़े डीलर्स और आटे के गोदामों पर निगरानी शुरू कर दी है.
खाद्य विभाग की तरफ से किया गया यह दावा
दूसरी तरफ खैबर पख्तूनख्वा के फूड डिपार्टमेंट की तरफ से दावा किया गया कि सरकारी सब्सिडी वाले आटे को सूबे में बांटा जा रहा है. विभाग के अनुसार पिछले हफ्ते 1,611 डीलर्स के जरिये सरकारी दर पर 4,17,000 से ज्यादा आटे की बोरियां सप्लाई की गईं. इसके अलावा आटा मिलों को स्टेट रिजर्व से रोजाना 3,000 मीट्रिक टन सरकारी गेहूं दिया जा रहा है. यहां पर 20 किलो वाला बैग 2,520 रुपये में मिल रहा है. नियमों का उल्लंघन करने पर कुछ आटा मिलों के खिलाफ कार्रवाई की गर्ठ और जुर्माना भी लगाया गया.
पूरे पाकिस्तान में आटे के दाम में उछाल
पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (PBS) के आंकड़ों से यह सामने आया है कि आटे का संकट केवल पेशावर तक ही नहीं है. इस क्राइसिस के कारण देशभर में आटे के दाम में उछाल आया है. आंकड़ों के अनुसार देश के 17 प्रमुख शहरों में 20 किलो वाले आटे की बैग की औसत कीमत 2,697 रुपये तक पहुंच गई. यह पिछले साल के मुकाबबले करीब 33 प्रतिशत ज्यादा है. गेहूं की उपज और खपत में बड़े अंतर के कारण पाकिस्तान में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं.
लोगों का दावा, जानबूझकर किल्लत बनाई गई
स्थानीय लोगों और व्यापारियों की तरफ से आरोप लगाया गया कि पूरे इलाके में जानबूझकर आटे की किल्लत बनाई गई है. 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की तरफ से बताया गया कि सरकार से सब्सिडी वाला आटा खुले बाजार से लगभग गायब हो गया है, जिससे कमर्शियल कीमतें काफी बढ़ गई हैं. महीन आटे का 20 किलो का बैग अभी 3,120 रुपये में बिक रहा है, जबकि मोटे आटे का 80 किलो का बैग 13,200 रुपये तक पहुंच गया है. चोकर का 20 किलो का बैग भी 1,480 रुपये में बिक रहा है. कीमतों में अचानक हुई इस बढ़ोतरी के बीच आटा डीलरों ने कुछ ही दिनों में करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाया है.
लोकल लोगों की तरफ से लगातार शिकायत किये जाने के बाद अभी तक किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठाया गया है. लोगों ने अधिकारियों से रोटी के लिए तय कीमत और वजन के स्टैंडर्ड को लागू करने की मांग की है. इस बीच, खाद्य विभाग की तरफ से पेश आंकड़ों से पता चलता है कि पूरे सूबे में अभी भी सब्सिडी वाला आटा बांटा जा रहा है.