इधर सोने की खरीद कम करने की अपील, उधर सरकार ने लिया बड़ा फैसला; अब फिर महंगा होगा गोल्ड?
Silver Price: सरकार ने बैंकों और नॉमिनी एजेंसियों की तरफ से सोने, चांदी और प्लैटिनम का आयात करने पर मिलने वाली 3% IGST छूट को वापस ले लिया है. आइए जानते हैं सरकार के इस फैसले का सर्राफा बाजार, आयातकों और आम लोगों पर क्या असर होगा?
IGST on Gold Import: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग और क्रूड ऑयल में तेजी के बीच सोने-चांदी में उठापटक का सिलसिला बना हुआ है. देश में फेस्टिव सीजन भी शुरू होने जा रही है. इससे पहले पीएम मोदी ने सोने की खरीदारी कम करने की अपील की थी. इस बीच सरकार ने सोने-चांदी को लेकर बड़ा फैसला किया है. सरकार के फैसले से देश के बुलियन और सर्राफा मार्केट पर असर पड़ना तय माना जा रहा है. सरकार ने बैंकों और ऑथराइज एजेंसियों को सोने-चांदी और प्लैटिनम के आयात पर मिलने वाली अहम टैक्स रिबेट को खत्म कर दिया है. जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद लिये गए इस फैसले के तहत अब सोने-चांदी और प्लैटिनम के आयात पर 3% का आईजीएसटी (IGST) देना होगा.
सरकार के इस कदम का मकसद आयात पर एक समान टैक्स सिस्टम लागू करना है. इस टैक्स के कारण देशभर में सोने का आयात महंगा होने की उम्मीद है. रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव की तरफ से इसको लेकर दी गई जानकारी में बताया गया कि बैंकों के जरिये मंगाई जाने वाली कीमती धातुओं पर IGST छूट को सरकार ने 31 मार्च के बाद आगे नहीं बढ़ाया. इस फैसले को 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है. साल 2017 में शुरू की गई यह टैक्स छूट पहले सोने और बाद में चांदी व प्लैटिनम पर भी लागू कर दी गई. इसका मकसद अधिकृत व्यापारियों के जरिये बुलियन फ्लो को आसान बनाना था.
वेरिफाइड आयातकों की नई लिस्ट भी जारी कर दी
सरकार का कहना है कि इस कदम के जरिये आयात के सभी माध्यमों को एक जैसे टैक्स सिस्टम के तहत लाना है. इससे कोई भी एक इम्पोर्ट रूट केवल टैक्स बेनिफिट के कारण प्राथमिकता में नहीं रहेगा. कीमती धातुओं के आयात से विदेशी मुद्रा की बड़े पैमाने पर हुई निकासी सरकार के लिए चिंता का कारण बन गई थी. अप्रैल के मिड में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने वेरिफाइड आयातकों की नई लिस्ट भी जारी कर दी है. लेकिन टैक्स छूट के नोटिफिकेशन को अपडेट नहीं किया गया.
कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल पर असर
भारत दुनिया के सबसे बड़े बुलियन मार्केट में से एक है. यहां सोने का ज्यादातर आयात बैंकों और नॉमिनेटिड एजेंसियों के जरिये होता है. 3% टैक्स लगने से आयातकों की ज्यादा वर्किंग कैपिटल (Working Capital) ब्लॉक हो जाएगी. इससे खास सप्लाई चैनलों की लागत बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर सर्राफा कारोबार और बाजार की कीमत पर देखने को मिल सकता है.
प्रधानमंत्री ने क्या अपील की थी?
चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना आयात करने वाला देश है. भारत में सोने का आयात मुख्य रूप से ज्वैलरी इंडस्ट्री की डिमांड से संचालित होता है. सरकार ने मई के महीने में सोने-चांदी के आयात पर लगाम लगाने के लिए कस्टम ड्यूटी को छह से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था, जबकि प्लैटिनम पर भी इसे 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया था. मार्च के महीने मिडिल ईस्ट जंग के अपने चरम पर पहुंचने के बाद आयात बिल बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ गया था. इसके बाद पीएम मोदी ने देशवासियों से सोने की गैर जरूरी खरीद से बचने की अपील की थी. इसके बाद सोने के आयात में गिरावट आई थी.