वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद व्यापारियों ने लिया बड़ा फैसला, ‘No UPI Day’ वापस लिया, 2 अक्टूबर को नहीं होगा विरोध
सरकार के सामने व्यापारियों ने ये चिंता जताई गई कि नए MDR चार्ज से छोटे और मीडियम बिजनेस पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है.
'No UPI Day' Call After Meeting FM Sitharaman : वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद ट्रेडर्स एसोसिएशन ने 'नो UPI डे' विरोध प्रदर्शन को वापस लेने का बड़ा फैसला किया है. 2 अक्टूबर को होने वाला विरोध प्रदर्शन अब नहीं होगा. बिजनेस लीडर्स ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित 0.4% चार्ज का विरोध कर रहे थे.
वित्त मंत्री ने 2 अक्टूबर को होने वाले 'नो UPI डे' कैंपेन को वापस लेने का प्रस्ताव दिया. बैठक में बिजनेस प्रतिनिधियों और सरकार के बीच UPI चार्ज के असर पर चर्चा हुई. सरकार के सामने ये चिंता जताई गई कि नए चार्ज से खास तौर पर छोटे और मीडियम बिजनेस पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है.
मार्केटिंग प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री से मुलाकात की
दिल्ली में हुई बैठक में अलग-अलग राज्यों से लगभग 20 बिजनेस प्रतिनिधि शामिल हुए. CAIT के प्रवीण खंडेलवाल ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. उन्होंने सरकार से प्रस्तावित 0.4% चार्ज के बारे में स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है. उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी नया चार्ज लागू करने से पहले डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम और छोटे बिजनेस पर पड़ने वाले असर पर सावधानी से विचार किया जाना चाहिए.
'नो UPI डे' क्यों रद्द किया गया?
इससे पहले, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन और ऑल इंडिया मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन ने 2 अक्टूबर के लिए 'नो UPI डे' की घोषणा की थी. उनका विरोध ₹2,000 से ज़्यादा के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित 0.4% चार्ज के खिलाफ था. उन्होंने तर्क दिया कि इससे लागत बढ़ सकती है और छोटे बिजनेस के बीच डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अपनाने पर बुरा असर पड़ सकता है.
हालांकि, वित्त मंत्री के साथ चर्चा के बाद प्रतिनिधियों ने विरोध प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया है.
सरकार ने बिजनेस कम्युनिटी को समर्थन का भरोसा दिया
इस बैठक के बाद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक और उत्साहजनक रही. उनके मुताबिक, वित्त मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि बिजनेस पेशेवरों द्वारा सुझाए गए सुझावों पर विचार किया जाएगा. इनमें AIMRA, AICPDF और ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ्स फेडरेशन जैसे कई बड़े व्यापारिक संगठन शामिल थे. इस बैठक में UPI से जुड़े चार्ज, डिजिटल पेमेंट की सिक्योरिटी और व्यापारिक कम्युनिटी के सामने आने वाली अन्य चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
खंडेलवाल ने बताया कि वित्त मंत्री के साथ बातचीत के बाद AICPDF और CAIT ने 2 अक्टूबर के लिए प्रस्तावित 'नो UPI डे' कैंपेन को रद्द करने का फैसला किया है. उन्होंने साफ किया कि इस मुद्दे पर अब 2 अक्टूबर को 'नो UPI डे' नहीं मनाया जाएगा.
डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने पर बातचीत
व्यापारी प्रतिनिधियों ने कहा कि वे सरकार के साथ बातचीत जारी रखेंगे और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में सहयोग करेंगे. इस बैठक में साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई है. इसके अलावा अलग-अलग राज्यों और शहरों में कारोबारियों के बीच डिजिटल पेमेंट के बारे में जागरूकता बढ़ाने की योजना है.
15 अक्टूबर से 0.4% चार्ज का प्रस्ताव
आधिकारिक प्रस्ताव के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% चार्ज लगाया जाएगा. इसके लिए प्रस्तावित तारीख 15 अक्टूबर है. अब सबकी नजरें कारोबारी कम्युनिटी और सरकार के बीच चल रही बातचीत पर टिकी हैं. आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि प्रस्तावित चार्ज में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं.