'फूड, फ्यूल, फर्टिलाइजर और फाइनेंस'... ग्लोबल साउथ की चिंताओं पर बोले जयशंकर- बदल रही दुनिया की 'जियोपॉलिटिकल ज्योमेट्री'
जयशंकर ने ग्लोबल साउथ की 4F- फूड, फ्यूल, फर्टिलाइजर और फाइनेंस को बड़ी चुनौती बताया है. उन्होंने कहा कि चीन के उभार के बीच दुनिया तेजी से मल्टीपोलर वर्ल्ड की ओर बढ़ रही है.
Global South: ग्लोबल साउथ की चुनौतियों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दुनिया में चल रही उथल-पुथल पर खुलकर बात की है. कौटिल्य कॉन्क्लेव में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बदलती परिस्थितियों को लेकर चेताया है. उन्होंने कहा कि कई विकासशील देशों के लिए फूड, फ्यूल, फर्टिलाइजर और फाइनेंस यानी 4F बड़ी चिंताएं हैं. जयशंकर ने बताया कि भारत ने बढ़ी फ्यूल और उर्वरक लागत का सामना किया है और जरूरत के मुताबिक देश में खरीद भी बढ़ाई है.
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में नई मजबूरियां और प्रतिक्रियाएं पैदा हुई हैं. उनके मुताबिक, दुनिया अब मल्टीपोलर वर्ल्ड की ओर बढ़ रही है, जिसकी संरचना पहले से काफी अलग होगी.
मल्टीपोलर वर्ल्ड की तरफ बढ़ रही है दुनिया
कौटिल्य कॉन्क्लेव में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा 'अगर आप 4F- फूड (खाद्य), फ्यूल (ईंधन), फर्टिलाइजर (उर्वरक) और फाइनेंस (वित्त) को देखें, तो ये ग्लोबल साउथ के कई देशों की प्रमुख चिंताएं हैं. हमारे लिए भी फ्यूल की लागत बढ़ी है. लेकिन हमने इसका बोझ खुद उठाया है. हमने उर्वरकों की खरीद भी बढ़ाई है. हमारे लिए फ्यूल की लागत अधिक है और उर्वरकों की कीमतें भी बढ़ी हैं. लेकिन, मैं जिस बात को सामने रख रहा था, वो ग्लोबल साउथ की व्यापक भावना और बड़े हित से जुड़ी थी.'
बदल रही है 'जियोपॉलिटिकल ज्योमेट्री'
उन्होंने कहा कि चीन के उदय ने एक तरह से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के सामने नई मजबूरियां और नई प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं. हम एक बहुध्रुवीय दुनिया (मल्टीपोलर वर्ल्ड) की ओर बढ़ रहे हैं, जिसकी संरचना और स्वरूप उस व्यवस्था से काफी अलग है, जैसी पहले हुआ करती थी. एस जयशंकर ने ये भी कहा है कि वैश्विक व्यवस्था की 'जियोपॉलिटिकल ज्योमेट्री' बदल रही है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जुलाई में आम नागरिकों के जहाजों पर हुए हमलों (जिनमें कुछ भारतीय नाविक मारे गए थे) के बाद भारत, रूस और यूक्रेन दोनों के साथ बातचीत कर रहा है. ताकि ब्लैक सी से अनाज और ईंधन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके.
उन्होंने कहा कि भारत आम नागरिकों के जहाजों पर हमलों को 'पूरी तरह से अस्वीकार्य' मानता है. चाहे वे हमले ब्लैक सी, रेड सी या खाड़ी क्षेत्र में हों और रूस-यूक्रेन विवाद को सुलझाने का रास्ता बातचीत और कूटनीति ही है.
ब्लैक सी पर बातचीत
जयशंकर ने कहा कि जुलाई में हुए हमलों के बाद भारत ने रूस और कीव दोनों के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था और उन्होंने खुद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ इस मामले पर बात की थी.