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लाइसेंस पहले ही कैंसिल, अब शेड्यूल बैंकों की लिस्ट से भी बाहर...तो क्या बंद हो जाएगा Paytm? RBI के एक्शन से क्या-कुछ बदलेगा ?

Paytm: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पेटीएम पेमेंट बैंक को शेड्यूल बैंकों की लिस्ट से बाहर कर दिया है. रिजर्व बैंक के इस एक्शन से पेटीएम की सर्विस और उसके कारोबार पर क्या असर होगा.

Written By Bavita Jha
Published: Oct 08, 2026, 03:40 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 03:58 PM IST
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RBI on Paytm Paytment Bank:  फिनटेक कंपनी पेटीएम और RBI एक बार फिर से आमने-सामने हैं. नियमों की अनदेखी के चलते Paytm पर कई बार कार्रवाई हो चुकी है. इस बार फिर से ये कंपनी RBI के सख्त एक्शन के निशाने पर है. RBI ने पहले पेटीएम पेमेंट बैंक का लाइसेंस रद्द किया. अब केंद्रीय बैंक ने Paytm Paytment Bank को शेड्यूल बैंक की लिस्ट के आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया है. कल देर शाम इस खबर के बाद बुधवार, 8 अक्टूबर को पेटीएम के शेयरों में 10 फीसदी तक की गिरावट आई. 

आरबीआई के इस फैसले से Paytm पर क्या असर होगा ? पेटीएम के कामकाज में क्या बदलने वाला है? पेटीएम ऐप पर क्या असर होगा? पेटीएम पेमेंट ऐप इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर क्या असर होगा?  

RBI ने पेटीएम पर क्या एक्शन लिया?  

RBI ने पेटीएम पेमेंट बैंक को शेड्यूल बैंकों की सूची से हटा दिया है. पेटीएम पर कार्रवाई करते हुए RBI Act, 1934 की सेकेंड शेड्यूल से बाहर कर दिया गया है. रिजर्व बैंक ने ये कार्रवाई अचानक नहीं की है. इससे पहले अप्रैल में पेटीएम पेमेंट बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक को बंद करने का आदेश दे दिया था.

बैंक का लाइसेंस पहले ही रद्द


शेड्यूल बैंक से हटाने का मतलब क्या है?

रिजर्व बैंक अधिनियम की दूसरी अनुसूची में केवल उन्हीं बैंकों को शामिल किया जाता है, जो रिजर्व बैंक के कड़े वित्तीय मानकों का पालन करती है, उसके नियमों का अनुपालन करती है. इन बैंकों को आरबीआई की तरह से खास सुविधाएं और मदद मिलती है.  
 

तो क्या RBI के इस फैसले से Paytm बंद हो जाएगा?  

बिल्कुल नहीं, रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट बैंक को शेड्यूल बैंक की लिस्ट से बाहर किया है. ये कार्रवाई पेटीएम के खिलाफ चल रहे लंबे नियामकीय कार्रवाई की अगली कड़ी है. पेटीएम पेमेंट बैंक का लाइसेंस पहले से रद्द है, नए ग्राहक जोड़ने पर पहले से रोक है, नए डिपॉजिट लेने, वॉलेट टॉप-अप पर पहले से पाबंदी लगी हुई है.  अब उसे शेड्यूल बैंक की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है.  चूंकि पेटीएम का कारोबार पेमेंट बैंक पर नहीं टिका है, ऐसे में रिजर्व बैंक के इस फैसले का उसके यूपीआई सेवाओं पर सीधा असर नहीं होगा.  Paytm ऐप, UPI, QR पेमेंट, Soundbox, कार्ड मशीन और Payment Gateway सर्विस पहले की तरह जारी रहेंगी.

पेटीएम पर RBI के इस एक्शन से ग्राहकों पर क्या असर होगा?  

पेटीएम पर आरबीआई के इस एक्शन से पेटीएम यूजर्स के लेनदेन, ट्रांजैक्शन, यूपीआई पेमेंट पर कोई असर नहीं होगा . आप जैसे अभी पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं, करते रह सकेंगे.  इस फैसले का पेटीएम ऐप पर कोई सीधा असर नहीं दिखेगा.

क्या होते हैं शेड्यूल बैंक ?  

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारत में बैंकों को दो कैटेगरी में बांटा है, पहला  शेड्यूल्ड बैंक और दूसरा नॉन-शेड्यूल्ड बैंक . जिन बैंकों का नाम RBI Act, 1934 की Second Schedule में शामिल हैं, वो शेड्यूल बैंक कहलाते हैं . जैसे SBI, PNG, HDFC, ICICI आदि बैंक . शेड्यूल बैंकों को RBI से वित्तीय सहायता मिलती है. उन्हें CRR और SLR के नियमों का पालन करना पड़ता है. जबकि नॉन-शेड्यूल्ड बैंक का नाम आरबीआई एक्ट के सेकेंड शिड्यूल में शामिल नहीं होता. आम तौर पर छोटे सहकारी और अर्बन बैंक इसमें शामिल होते हैं. इनके आकार और कामकाज अक्सर सीमित या स्थानीय स्तर का होता है . 
 

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About the Author

बवीता झा बिजनेस पत्रकार हैं, उन्हें डिजिटल और टीवी न्यूज़ मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News Hindi (Digital) में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. व्यापार जगत की जटिलताओं और आर्थिक आंकड़ों को आम पाठकों के लिए सरल भाषा में डिकोड करना उनका मजबूत पक्ष है.  • शेयर बाजार • बिजनेस एक्सप्लेनर • पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन  • कमोडिटी, गोल्ड-सिल्वर ट्रेड• ग्लोबल ट्रेड • जियो इकोनॉमिकस डेवलपमेंट • कारोबार से जुड़ी सरकारी योजना और पॉलिटी • बिजनेस और मार्केट ट्रेंडZee News से पहले बवीता ने नवभारत टाइम्स (NBT) के बिजनेस सेक्शन और Oneindia जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थानों में इवनिंग शिफ्ट, होम पेज मैनेजमेंट और ट्रेडिंग न्यूज़ की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. इसके अलावा महुआ न्यूज़, जनसंदेश और सहारा जैसे टीवी चैनलों में प्रोग्राम प्रोड्यूसर और रनडाउन मैनेजमेंट का उनके पास 4 वर्षों का ठोस अनुभव है.  दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातक और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली बवीता, खबरों की सत्यता और वित्तीय मामलों की सटीक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देती हैं.  बवीता झा से आप bavita.jha@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स  पर https://x.com/youthreporter2 के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कनेक्ट होने के लिए फेसबुक पेज https://www.facebook.com/bavita.jha , इंस्टाग्राम instagram.com/bavita.jha पर जुड़ सकते हैं. बवीता झा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.
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