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ईरान संघर्ष का असर, पाकिस्तान पर गिरी गाज; कतर से LNG सप्लाई ठप, मंडराया एनर्जी संकट

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और होर्मुज में रुकावट के कारण कतर से लिक्विफाइड नैचुरल गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है. इससे पाकिस्तान में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 12, 2026, 09:05 PM IST | Updated: Oct 12, 2026, 09:13 PM IST
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मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कतर से लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) की सप्लाई में रुकावट आ गई है. इससे होर्मुज (Strait of Hormuz) बाधित हुआ है और पाकिस्तान को बड़े ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है. 'असाहिफा' समाचार वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में बहुत अधिक कीमतों पर अतिरिक्त LNG खरीदने से बिजली और गैस की लागत बढ़ सकती है, जबकि पर्याप्त सप्लाई न मिलने से बिजली उत्पादन, उद्योग और गैस पर निर्भर अन्य क्षेत्रों पर दबाव पड़ सकता है.

रॉयटर्स द्वारा पाकिस्तान के बिजली सिस्टम और मार्केट ऑपरेटर के आंकड़ों के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, सर्दियों के दौरान बिजली क्षेत्र को प्रतिदिन 400 मिलियन क्यूबिक फीट तक गैस की आवश्यकता हो सकती है. सितंबर के लिए केवल दो LNG कार्गो की पुष्टि हुई थी, जबकि पाकिस्तान को भेजे जाने वाले एक मानक LNG कार्गो में लगभग 140,000 क्यूबिक मीटर गैस होती है. ये एक सप्ताह से थोड़ी अधिक की सप्लाई के बराबर है.

कतर से होने वाली सप्लाई में आई रुकावट

पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में वैकल्पिक कार्गो की तलाश करके कतर से होने वाली सप्लाई में आई रुकावट की भरपाई करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन, ये ऐसे समय में हो रहा है जब स्पॉट LNG की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 30 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट तक पहुंच गई हैं.

रॉयटर्स ने पहले रिपोर्ट दी थी कि कतर LNG सप्लाई में रुकावट के कारण पाकिस्तान को बिजली की कमी को प्रबंधित करने के लिए फर्नेस-ऑयल से चलने वाले बिजली प्लांट्स को पूरी क्षमता से चलाना पड़ा और कुछ परमाणु ऊर्जा प्लांट्स में रखरखाव (मेंटेनेंस) को टालना पड़ा है. उस समय अधिकारियों ने लगभग 3400 मेगावाट बिजली की कमी की सूचना दी थी, इसका आंशिक संबंध कम जलविद्युत उत्पादन से था.

सर्दियों के दौरान गैस की मांग बढ़ने की उम्मीद

साथ ही सर्दियों के दौरान गैस की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जब हीटिंग और अन्य घरेलू उपयोगों के लिए घरों में खपत बढ़ जाती है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के बीच सप्लाई को संतुलित करने के लिए सरकार पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. 'अरब न्यूज' द्वारा अधिकारियों के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान कतर, ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ राजनयिक चैनलों का उपयोग कर रहा था, ताकि होर्मुज से लंबी अवधि के अनुबंधों के तहत कतर LNG कार्गो की आवाजाही को सुगम बनाया जा सके. 

हालांकि, कार्गो की आवाजाही इस बात पर भी निर्भर करती है कि क्या जहाज के चालक दल और बीमाकर्ता मौजूदा सुरक्षा स्थितियों के तहत काम करने को तैयार हैं.

LNG के आयात पर निर्भर है पाकिस्तान 

LNG का आयात पाकिस्तानी घरों, कारखानों, बिजली संयंत्रों और उर्वरक उत्पादकों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अरब न्यूज के बताए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2025 और मार्च 2026 के बीच पाकिस्तान में कुल गैस खपत का लगभग पांचवां हिस्सा आयातित LNG का था. सप्लाई में रुकावट से पाकिस्तान के इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी चिंता बढ़ रही है, जो फैक्ट्रियां चलाने और प्रोडक्शन का लेवल बनाए रखने के लिए भरोसेमंद गैस सप्लाई पर निर्भर है. 

बिजनेस प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि सर्दियों के दौरान लगातार कमी से प्रोडक्शन पर असर पड़ सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि कंपनियां पहले से ही ज्यादा एनर्जी कॉस्ट और सप्लाई में रुकावट का सामना कर रही हैं. स्थानीय रिपोर्टों में फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट मियां नासिर हयात मैगो के हवाले से कहा गया है कि डिमांड और सप्लाई के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और प्रोडक्शन में रुकावट और फैक्ट्रियों के बंद होने की आशंका को रोकने के लिए समय पर कार्गो का इंतजाम करना जरूरी है.

(IANS के इनपुट के साथ)

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About the Author

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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