एक जहाज, हजार केबिन और 9 रेस्टोरेंट! समंदर के बीच चलता-फिरता शहर, क्रूज टूरिज्म को नई उड़ान दे रहा Cordelia Sky
कॉर्डिलिया स्काई क्रूज पर करीब 2,400 यात्रियों की क्षमता, नौ रेस्टोरेंट, लग्जरी सुइट, स्पा, शॉपिंग और बच्चों के लिए गेमिंग जोन जैसी सर्विस मौजूद हैं.
Cordelia Sky : समंदर के बीच छुट्टियां बिताने का अनुभव कैसा होता है. इसकी एक झलक कॉर्डिलिया स्काई पर देखने को मिलती है. यहां लग्जरी केबिन, प्रीमियम सुइट, नौ रेस्टोरेंट, स्विमिंग पूल, थिएटर, लाइव म्यूजिक, शॉपिंग, स्पा, सैलून, कैसिनो और बच्चों के लिए खास गेमिंग जोन जैसी सर्विस मौजूद हैं. जहाज पर यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों और पसंद को ध्यान में रखते हुए कई तरह के अनुभव तैयार किए गए हैं. कॉर्डिलिया क्रूज़ेस के CFO निशिकांत उपाध्याय के मुताबिक, कंपनी का उद्देश्य भारतीय यात्रियों को समुद्र के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
कॉर्डिलिया स्काई के टॉप डेक से रिसेप्शन तक, लग्जरी का अनुभव
कॉर्डिलिया स्काई के टॉप डेक से जहाज के रिसेप्शन एरिया का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. आकर्षक इंटीरियर और व्यवस्थित डिजाइन के साथ यह जगह यात्रियों का स्वागत करती है. निशिकांत उपाध्याय ने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2025 में इस जहाज को खरीदा था. इससे पहले यह विदेश में सेवाएं दे रहा था. अब इसे भारतीय यात्रियों के लिए क्रूज अनुभव का हिस्सा बनाया गया है.
एक हजार केबिन, करीब 2400 यात्रियों की क्षमता
कॉर्डिलिया स्काई को एक चलते-फिरते शहर की तरह विकसित किया गया है. निशिकांत उपाध्याय के मुताबिक, जहाज में करीब एक हजार केबिन हैं, जिनमें 260 प्रीमियम कैटेगरी के केबिन शामिल हैं. जहाज में लगभग 2400 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है, जबकि संचालन और यात्रियों की सेवा के लिए करीब 800 कर्मचारी मौजूद रहते हैं. अलग-अलग हिस्सों में फैली सुविधाओं के कारण यात्रियों को खाने, मनोरंजन और आराम के लिए कई विकल्प मिलते हैं.
उपाध्याय का कहना है कि भारतीय ग्राहकों को महंगे और प्रीमियम उत्पाद पसंद नहीं आते, यह धारणा सही नहीं है. उनके मुताबिक, भारतीय यात्री विदेशों में भी महंगे केबिन खरीदते हैं. कॉर्डिलिया पर क्रूज़ पैकेज की शुरुआती कीमत करीब 14 से 15 हजार रुपये प्रति व्यक्ति बताई गई है, जबकि केबिन की श्रेणी और पैकेज के अनुसार कीमत बढ़ती जाती है.
कंपनी के मुताबिक, अब तक करीब आठ लाख यात्रियों को क्रूज़ टूरिज्म का अनुभव कराया जा चुका है. इन यात्राओं में कोच्चि, श्रीलंका, थाईलैंड, सिंगापुर, गोवा और लक्षद्वीप जैसे गंतव्य शामिल रहे हैं. कंपनी का कहना है कि वर्ष 2020-21 में क्रूज सेवा के विस्तार के साथ उसका उद्देश्य भारतीय यात्रियों को भारतीय जरूरतों और पसंद के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देना रहा है.
चेयरमैन सुइट समुद्र के सामने निजी जकूजी और लग्जरी बेडरूम
कॉर्डिलिया स्काई के सबसे प्रीमियम विकल्पों में चेयरमैन सुइट शामिल है. जहाज पर ऐसे चार सुइट मौजूद हैं. निशिकांत उपाध्याय ने इस सुइट की सुविधाएं दिखाते हुए बताया कि इसमें अलग लिविंग एरिया, लग्जरी बेडरूम, बड़ा वॉर्डरोब, वॉशरूम और बार काउंटर जैसी सुविधाएं हैं. लिविंग रूम और बेडरूम के बीच मौजूद पार्टिशन को खोलकर दोनों हिस्सों को आपस में जोड़ा जा सकता है. लिविंग एरिया में मौजूद सोफे को जरूरत के मुताबिक सोने की जगह में भी बदला जा सकता है.
इस सुइट की खासियत इसकी बालकनी है, जो जहाज के अगले हिस्से में मौजूद है. यहां निजी जकूजी भी दिया गया है, जहां यात्री खुले आसमान के नीचे समुद्र का नजारा लेते हुए आराम कर सकते हैं. उपाध्याय के मुताबिक, कॉर्डिलिया इम्प्रेस में एक चेयरमैन सुइट था, जबकि कॉर्डिलिया स्काई में इनकी संख्या बढ़ाकर चार की गई है. कंपनी ने यह कदम प्रीमियम सुइट की मांग को ध्यान में रखते हुए उठाया है.
हर बजट के लिए केबिन और नौ रेस्टोरेंट में अलग-अलग स्वाद
कॉर्डिलिया स्काई पर यात्रियों के लिए अलग-अलग बजट की केबिन कैटेगरी मौजूद हैं. लोअर रेंज से लेकर मिड-रेंज और हाई-रेंज तक के विकल्पों के जरिए यात्री अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से कमरे चुन सकते हैं. कंपनी का कहना है कि क्रूज़ का अनुभव लेने के लिए सबसे महंगा सुइट बुक करना जरूरी नहीं है.
खाने-पीने के लिए जहाज पर नौ रेस्टोरेंट मौजूद हैं. यहां भारतीय भोजन, जैन फूड, नॉन-वेज और जापानी व्यंजनों सहित अलग-अलग तरह के खाने के विकल्प मिलते हैं. कंपनी की कोशिश है कि परिवार के सदस्यों की अलग-अलग पसंद और खानपान की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें कई विकल्प उपलब्ध कराए जाएं.
लाइब्रेरी में किताबें, सुकून और पढ़ने के लिए खास जगह
कॉर्डिलिया स्काई पर मनोरंजन और गतिविधियों के बीच शांत समय बिताने के लिए लाइब्रेरी भी मौजूद है. यहां हिंदी और अंग्रेजी की किताबों के साथ बच्चों की उम्र और रुचि के मुताबिक अलग-अलग तरह की किताबें रखी गई हैं. निशिकांत उपाध्याय ने बताया कि जब यात्री दो से चार दिन तक जहाज पर रहते हैं, तो अलग-अलग गतिविधियों का अनुभव लेने के बाद कई लोग शांत बैठकर किताबें पढ़ना भी पसंद करते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ने के लिए सिटिंग एरिया बनाया गया है.
फोटो गैलरी सफर की यादों को घर ले जाने का इंतजाम
जहाज पर यात्रियों के लिए फोटो गैलरी भी है. क्रूज़ के अलग-अलग हिस्सों में फोटोग्राफर्स द्वारा खींची गई तस्वीरें यहां से हासिल की जा सकती हैं. यात्रियों के लिए डिजिटल कॉपी और हार्ड कॉपी लेने की सुविधा उपलब्ध है. इस तरह जहाज पर बिताए गए खास पलों और परिवार के साथ खिंचवाई गई तस्वीरों को यादगार के तौर पर अपने साथ ले जाया जा सकता है.
चेयरमैन क्लब और लाइव ऑर्केस्ट्रा में पार्टी का माहौल
कॉर्डिलिया स्काई पर परिवार के साथ समय बिताने और खास समारोह आयोजित करने के लिए चेयरमैन क्लब मौजूद है. निशिकांत उपाध्याय के मुताबिक, जब जहाज पर हजारों यात्रियों को संभालना होता है, तो अलग-अलग तरह की फैमिली गैदरिंग और पार्टी के लिए कई लोकेशन की जरूरत होती है. चेयरमैन क्लब इसी तरह का एक स्थान है.
इसके पास ही लाइव ऑर्केस्ट्रा और डांस फ्लोर की व्यवस्था है. यहां संगीत और डांस के बीच यात्री मनोरंजन कर सकते हैं. शादी समारोह, मेहंदी की रस्म और दूसरे पारिवारिक आयोजनों के लिए भी इन जगहों का इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी के मुताबिक, अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए अलग स्थान उपलब्ध होने से यात्रियों को अपनी पसंद के अनुसार समय बिताने का अवसर मिलता है.
कैसिनो भी मनोरंजन का एक अतिरिक्त विकल्प
कॉर्डिलिया स्काई पर कैसिनो भी मौजूद है, जिसका इंटीरियर और रॉयल लुक आकर्षित करता है. निशिकांत उपाध्याय ने बताया कि कंपनी का मुख्य कारोबार क्रूज़िंग है, कैसिनो चलाना नहीं. इसलिए इसके संचालन की जिम्मेदारी थर्ड पार्टी वेंडर को दी गई है. कंपनी इसे यात्रियों के लिए मनोरंजन के अतिरिक्त विकल्प के रूप में देखती है.
स्पा और सैलून में आराम, साथ में समंदर का नजारा
दिनभर अलग-अलग गतिविधियों, शो और इवेंट्स में हिस्सा लेने के बाद यात्री आराम भी कर सकें, इसके लिए जहाज पर स्पा और सैलून की व्यवस्था की गई है. निशिकांत उपाध्याय के मुताबिक, बड़े होटलों की तरह स्पा और सैलून जैसी सुविधाएं क्रूज़ के लग्जरी अनुभव का अहम हिस्सा हैं. जहाज काफी बड़ा है और अलग-अलग हिस्सों में घूमने के बाद यात्रियों को थकान हो सकती है. ऐसे में ये सुविधाएं उन्हें आराम करने का मौका देती हैं. स्पा और सैलून के बाहर से समुद्र का खूबसूरत नजारा भी दिखाई देता है.
बच्चों के लिए स्प्लैश एकेडमी और आर्केड गेमिंग जोन
कॉर्डिलिया स्काई पर बच्चों के लिए स्प्लैश एकेडमी नाम का खास जोन बनाया गया है. यहां तीन से 11 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए ड्रॉइंग, कलरिंग और खेल-कूद जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. यह पेरेंट-फ्री जोन है, जहां निर्धारित नियमों के अनुसार बच्चे स्टाफ की देखरेख में गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं और माता-पिता को कुछ समय अपने लिए मिल सकता है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बच्चों की देखभाल की सुविधा पहले एक घंटे तक मुफ्त है.
इसी के पास आर्केड गेमिंग जोन भी मौजूद है. यहां बच्चे अलग-अलग गेम्स का आनंद लेते दिखाई दिए. अपने बच्चों के साथ मौजूद अंशु आहूजा ने बताया कि उनके बच्चे पिछले दो दिन से अलग-अलग गेम्स और गतिविधियों का आनंद ले रहे है . वे बच्चों को सॉफ्ट प्ले एरिया में भी लेकर गई थीं, जहां उन्होंने ड्रॉइंग और कलरिंग की. अंशु के मुताबिक, बच्चों के व्यस्त रहने के दौरान उन्हें भी एक घंटे के लिए आराम करने का समय मिला.
शॉपिंग शोरूम में ज्वेलरी, बैग और गिफ्टिंग के विकल्प
कॉर्डिलिया स्काई पर खाने और मनोरंजन के साथ शॉपिंग की सुविधा भी मौजूद है. जहाज के शोरूम में ज्वेलरी, बैग और दूसरी चीजों का कलेक्शन उपलब्ध है. यहां खरीदारी कर रहे कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें सामान की वैरायटी पसंद आई और उन्हें अपने बजट के मुताबिक विकल्प मिले.
क्रूज पर शॉपिंग सिर्फ जरूरत की चीजें खरीदने तक सीमित नहीं रहती. कई यात्री अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए ज्वेलरी, बैग और दूसरी वस्तुएं भी खरीदते हैं. इस तरह जहाज पर शॉपिंग की सुविधा भी यात्रा के अनुभव का हिस्सा बन जाती है.
यात्रियों ने बताया अपना अनुभव, दोबारा आने की भी इच्छा
कॉर्डिलिया स्काई पर सफर कर रहे यात्रियों ने बातचीत में अपने अनुभव साझा किए. कुछ यात्रियों ने यहां मौजूद सुविधाओं और मनोरंजन के विकल्पों की तारीफ की और कहा कि वे दूसरों को भी इस तरह की यात्रा करने की सलाह देना चाहेंगे. उनके मुताबिक, बच्चों के लिए गेमिंग और गतिविधियां हैं, जबकि महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों के लिए भी अपनी पसंद के अनुसार समय बिताने के विकल्प मौजूद हैं.
यात्रियों ने अपने अनुभव को शानदार बताते हुए भविष्य में दोबारा क्रूज पर जाने की इच्छा भी जताई.
2027 में कॉर्डिलिया सन, क्रूज टूरिज्म के विस्तार की तैयारी
कॉर्डिलिया स्काई के जरिए कंपनी अपने जहाजों की क्षमता और यात्रियों को उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार कर रही है. निशिकांत उपाध्याय के मुताबिक, कॉर्डिलिया इम्प्रेस में 69 प्रीमियम कैटेगरी के केबिन हैं, जबकि कॉर्डिलिया स्काई में इनकी संख्या 260 है. कंपनी की योजना के मुताबिक, 2027 में प्रस्तावित कॉर्डिलिया सन में करीब 450 प्रीमियम कैटेगरी के केबिन होगी ,उपाध्याय ने यह भी बताया कि कंपनी भविष्य में जगन्नाथ पुरी तक क्रूज़ यात्रा की संभावनाओं पर विचार कर रही है. कंपनी का उद्देश्य भारतीय यात्रियों के लिए समुद्री छुट्टियों के विकल्प बढ़ाना और क्रूज़ टूरिज्म को लोकप्रिय बनाना है.
23 अक्टूबर से कॉर्डिलिया स्काई की कमर्शियल यात्रा की योजना
कंपनी की घोषित योजना के मुताबिक, कॉर्डिलिया स्काई की पहली कमर्शियल यात्रा 23 अक्टूबर 2026 से मुंबई से शुरू होनी है. इसके तहत गोवा और लक्षद्वीप जैसे घरेलू पर्यटन स्थलों के लिए अलग-अलग अवधि के क्रूज़ पैकेज उपलब्ध कराने की योजना है. वहीं, कॉर्डिलिया इम्प्रेस के 25 अक्टूबर से कोच्चि से परिचालन शुरू करने की बात कही गई है. वहां से लक्षद्वीप के अलावा मालदीव और श्रीलंका जैसे गंतव्यों के लिए भी यात्राएं संचालित करने की योजना है.
कंपनी का कहना है कि जब उसने क्रूज़ सेवाएं शुरू की थीं, तब पोर्ट और परिचालन के विकल्प सीमित थे. अब इन विकल्पों में विस्तार हो रहा है और सरकार भी देश में क्रूज़ इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है. कंपनी को उम्मीद है कि नए जहाजों और बढ़ते रूट्स से इस क्षेत्र की संभावनाएं मजबूत होंगी.
समुद्र के बीच एक छोटा शहर, क्रूज टूरिज्म की नई संभावनाएं
कॉर्डिलिया स्काई पर करीब एक हजार केबिन, नौ रेस्टोरेंट, प्रीमियम सुइट, स्विमिंग पूल, थिएटर, लाइव म्यूजिक, स्पा, शॉपिंग, कैसिनो और बच्चों के लिए गेमिंग जोन जैसी सुविधाएं एक ही जगह मौजूद हैं. जहाज के अलग-अलग हिस्सों में गतिविधियां चलती रहती हैं, जिससे यात्री अपनी पसंद के मुताबिक समय बिता सकते हैं.
अब सवाल यह है कि क्या समुद्र के रास्ते छुट्टियां मनाना भारत में पर्यटन का एक लोकप्रिय विकल्प बन पाएगा? कॉर्डिलिया स्काई और प्रस्तावित कॉर्डिलिया सन जैसे जहाज, नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स तथा यात्रियों के अनुभव इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं. कंपनी की विस्तार योजनाओं का वास्तविक असर आने वाले समय में परिचालन, किराये, यात्रियों की प्रतिक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं से तय होगा.