तेज रफ्तार से बढ़ेगी भारत की अर्थव्यवस्था! वर्ल्ड बैंक का बढ़ा भरोसा, FY27 ग्रोथ अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 7.1% किया
वर्ल्ड बैंक ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान वर्ल्ड बैंक ने FY27 के लिए 6.6% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है.
Indian Economy : देश में आर्थिक मोर्चे पर एक बार फिर अच्छी खबर देखने को मिली है. वर्ल्ड बैंक ने FY27 के लिए ग्रोथ का अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है. इसके पीछे घरेलू डिमांड और एक्सपोर्ट में मजबूती को वजह बताया गया है. साथ ही तेल और अल नीनो से जुड़े जोखिमों की ओर भी इशारा किया गया है.
मंगलवार को जारी अपनी लेटेस्ट 'इंडिया डेवलपमेंट अपडेट' रिपोर्ट में वर्ल्ड बैंक ने कहा कि ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद भारत की मीडियम-टर्म ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं. इस बढ़ोतरी के साथ भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है.
घरेलू डिमांड और एक्सपोर्ट ग्रोथ
वर्ल्ड बैंक ने कहा कि घरेलू डिमांड और मजबूत एक्सपोर्ट ग्रोथ के लिए मुख्य आधार बने रहेंगे. वर्ल्ड बैंक ने ग्लोबल स्तर पर तेल की ऊंची कीमतों, अल नीनो और शेयर बाजार में संभावित करेक्शन (गिरावट) से जुड़े जोखिमों की ओर इशारा किया है. इससे कैपिटल फ्लो में उतार-चढ़ाव आ सकता है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनौतीपूर्ण ग्लोबल माहौल के बावजूद भारत की आर्थिक मजबूती ग्रोथ को सहारा देगी, जबकि बाहरी जोखिम, आउटलुक को प्रभावित कर सकते हैं.
AI ग्रोथ के नए ड्राइवर के तौर पर उभरा
वर्ल्ड बैंक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारत के लिए प्रोडक्टिविटी और डेवलपमेंट में बढ़ोतरी का एक संभावित नया जरिया बताया है. भारत में प्राइवेट AI इन्वेस्टमेंट 2024 में 1.2 अरब डॉलर से तीन गुना से भी ज्यादा बढ़कर 2025 में 4.1 अरब डॉलर हो गया है. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में रोजगार भी 2024 में 19 लाख प्रोफेशनल्स के मुकाबले बढ़कर 2025 में 23.6 लाख हो गया है.
वर्ल्ड बैंक के भारत के लिए एक्टिंग कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा, 'AI रेडीनेस के मामले में भारत टॉप 10 उभरते बाजारों में से एक है. AI को सिर्फ एक टेक्नोलॉजी के तौर पर नहीं, बल्कि विकास के एक टूल के तौर पर इस्तेमाल, भारत के लिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और पब्लिक सर्विस को बेहतर बनाने का सबसे असरदार जरिया हो सकता है.'
रिपोर्ट में कहा गया है कि AI के फायदों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए भारत को AI-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, बिजनेस के माहौल को बेहतर बनाने, AI तक पहुंच बढ़ाने और लेबर की क्षमता को मजबूत करने के लिए पॉलिसी लेवल पर कदम उठाने होंगे. इसमें ये भी चेतावनी दी गई है कि अर्थव्यवस्था और लेबर मार्केट पर AI का लंबे समय का असर अभी भी अनिश्चित है. वर्ल्ड बैंक ने AI को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के साथ-साथ इस बदलाव के दौर में वर्कर्स की मदद करने के लिए कदम उठाने की बात कही.
'साउथ एशिया में विकास की संभावना मजबूत बनी हुई हैं'
वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि 2026 में साउथ एशिया की विकास दर 6.9 प्रतिशत रहेगी. इससे ये दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बना रहेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि साउथ एशिया में AI को बड़े पैमाने पर अपनाना छोटी कंपनियों के लिए रुकावटों को कम करने, लोकल इनोवेशन को बढ़ावा देने और ऐसे रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने पर निर्भर करेगा जो डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी की सुरक्षा करते हुए स्पष्टता दे.