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16 के बाद अब 24 कोच, 1224 सीटों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ाने की तैयारी, जानिए क्या हैं फीचर?

देश में 16 कोच की जगह 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी है. 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें मौजूदा ट्रेन डिजाइन का ही वर्जन होंगी. लेकिन, इनमें एक पैंट्री कार भी होगी.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 12, 2026, 10:54 PM IST | Updated: Oct 12, 2026, 11:08 PM IST
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Indian Railways : भारतीय रेलवे जल्द ही राजधानी एक्सप्रेस से बेहतर सर्विस वाली 24 कोच और पैंट्री कार से लैस नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लाने की तैयारी कर रहा है. 16-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने के बाद भारतीय रेलवे अब 24-कोच वाली ट्रेन सेट पर ध्यान दे रही है जो लंबी दूरी की रात भर की यात्राओं के लिए होगी. इसे 2027 के मध्य तक लॉन्च किया जाएगा. इस ट्रेन में 1224 सीटें, आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट, कवच सुरक्षा सिस्टम और कई हाई-टेक फीचर्स दिए गए हैं.

चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री को 24 कोच वाली 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बनाने का काम सौंपा गया है. उम्मीद है कि भारतीय रेलवे आने वाले सालों में 200 से ज्यादा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करेगी क्योंकि वो लंबी दूरी की रेल यात्रा को बदलना चाहती है. इसके लिए तीन बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट चल रहे हैं.

तीन बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट

ICF की मदद से BEML 10 स्लीपर ट्रेन सेट बना रही है, जबकि इंडो-रशियन जॉइंट वेंचर 'काइनेट' को 120 और ट्रेनें बनाने का काम सौंपा गया है. टीटागढ़ और BHEL का एक ग्रुप 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बनाएगा. इसके अलावा, ICF अपना खुद का स्लीपर वर्जन बनाने की तैयारी कर रही है.

जल्द ही 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आएगी

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, नई ट्रेन के डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा रहा है और उम्मीद है कि ये एक महीने में तैयार हो जाएगा. नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट को 2027 की पहली छमाही में लॉन्च करने का प्लान है. इसमें जून 2027 को टारगेट तारीख के तौर पर तय किया गया है. 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें मौजूदा ट्रेन डिजाइन का ही एक वर्जन होंगी, लेकिन इनमें एक पैंट्री कार भी होगी. 

ICF ने पहले कहा है कि उसकी 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर भारत में बनने वाली सबसे लंबी स्लीपर ट्रेनों में से एक होगी.

24-कोच वाले वर्जन में ट्रेन में टॉयलेट की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. ICF वर्शन में एक पैंट्री कार भी शामिल होगी. ये एक ऐसी सर्विस है जो दूसरे वंदे भारत स्लीपर डिजाइन में नहीं है. इससे ट्रेन में ही खाना गर्म करके परोसा जा सकेगा. फैक्ट्री इंटीरियर को बेहतर बनाने पर भी विचार कर रही है. हालांकि, डिजाइन का काम अभी भी चल रहा है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की खासियतें

कोच का सेटअप: अभी चल रहे प्रोटोटाइप में 16 पैसेंजर कोच हैं. जिनमें 11 AC 3-टियर कोच, चार AC 2-टियर कोच और एक AC फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं.

स्पीड: इस ट्रेन को 160 kmph की स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किया गया है और इसकी टेस्टिंग स्पीड 180 kmph है. जिससे ये सेमी-हाई-स्पीड कैटेगरी में आती है. हालांकि, इंडियन रेलवे नेटवर्क के ज्यादातर हिस्सों में इतनी स्पीड से ट्रेनें नहीं चल सकतीं.

बर्थ: यूरोप की ट्रेनों से प्रेरणा लेकर, स्लीपर वर्जन में यात्रियों के आराम के लिए कुशन वाली बर्थ होंगी. ऊपर की बर्थ तक पहुंचने के तरीके को भी बदला गया है ताकि उन पर चढ़ना आसान हो.

लाइटिंग और ट्रेन के अंदर की सर्विस: ट्रेन में खास नाइट लाइटिंग, विजुअल डिस्प्ले के साथ इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम, CCTV कैमरे और मॉड्यूलर पैंट्री यूनिट्स होंगी.

टॉयलेट: हवाई जहाज की तरह मॉडर्न बायो-वैक्यूम टॉयलेट दिए जाएंगे. दिव्यांग यात्रियों के लिए बने टॉयलेट में बेबी-केयर स्टेशन भी होगा. AC फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा भी मिलेगी.

सुरक्षा और एनर्जी की बचत: स्लीपर ट्रेन में स्वदेशी 'कवच' एंटी-कोलिजन सिस्टम लगा होगा. चेयर कार वर्जन की तरह इसमें भी एनर्जी के बेहतर इस्तेमाल के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा.

ऑटोमैटिक दरवाजे: कोच में ऑटोमैटिक इंटरकनेक्टिंग दरवाजे होंगे.

यात्रियों के लिए सर्विस: हर कोच में अलग-अलग रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट, रिफ्रेशमेंट टेबल और GFRP पैनल वाले इंटीरियर होंगे. ट्रेन के दरवाजे तय स्टेशनों पर अपने-आप खुलेंगे.

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About the Author

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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