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LTCG Tax: जिन लोगों ने शॉर्ट टर्म में बंपर रिटर्न की उम्मीद में शेयर बाजार में पैसे लगाए, उन्हें इस बाजार ने बीते दो सालों में सिर्फ दर्द ही दिया है. साल 2026 में निवेशकों के 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रकम डूब चुकी है. सेंसेक्स जनवरी से अब तक 12000 से अधिक नीचे फिसल चुका है, निफ्टी ने भी करीब-करीब 4000 अंक का गोता लगा लिया है. बाजार से विदेशी निवेशक फुर्र हो रहे हैं . अब सरकार उन निवेशकों को लुभाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बजट से पहले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को हटाने पर मिलने वाले सुझावों को सुनने को तैयार है. ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री की इस बात को सुनकर निवेशकों का चेहरा खिल गया है.
वित्त मंत्री ने फोरम में कहा कि घरेलू और विदेशी दोनों निवेशक इक्विटी पर लगने वाले LTCG टैक्स और STT (सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स) पर सवाल उठा रहे हैं.अलग-अलग एसेट क्लासेज को एक समान तरीके से ट्रीट किए जाने पर बहस चल रही है. सरकार इस बहस पर चर्चा करने और उन्हें सुनने को तैयार है. वित्त मंत्री के बयान का ये बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि सरकार LTCG और STT टैक्स को खत्म कर रही है. हालांकि निवेशक और बाजार एक्सपर्ट उम्मीद कर रहे हैं कि बजट 2027 के ऐलान में सरकार इस टैक्स में थोड़ी राहत दे रही है.
STT शेयर बाजार में ट्रांजैक्शन वैल्यू पर लगने वाला सीधा टैक्स होता है. ये आपने नफा-नुकसान पर नहीं, बल्कि आपके ट्रेडिंग वैल्यू पर लगता है. आप शेयर खरीदें या बेचें दोनों ही स्थिति में आपको 0.1% STT देना पड़ता है.
यहां STT शेयर खरीदते-बेचते समय लगने वाला टैक्स है, तो LTCG लॉन्ग टर्म कमाई पर लगता है. अगर आप 1 साल से ज्यादा शेयर को रखते हैं, तो आपको बेचने पर होने वाले फायदे पर ये टैक्स देना होता है. 1.25 लाख की छूट के बाद बाकी बची रकम पर आपको 12.5% की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.
घरेलू निवेशक हो, रिटेल निवेशक हो या विदेशी निवेशक, लंबे वक्त ये ये सरकार ने इस टैक्स को हटाने की मांग कर रहे हैं. उनकी दलील है कि शेयर खरीदने पर वो पहले से STT टैक्स दे रहे हैं, मुनाफे पर दोबारा टैक्स लगाना निवेशकों के रिटर्न को प्रभावित करता है. LTCG एक बड़ी वजह है, जिसकी वजह से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से दूर हो रहे हैं.
सरकार को इस टैक्स से मोटी कमाई होती है. एसेसमेंट ईयर 2024-25 में सरकार ने सिर्फ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स से करीबन 72,249 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया. FY2025-26 में ये बढ़कर 1, 29,158 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
अगर सरकार LTCG टैक्स को हटा देती है, तो निवेशकों का रिटर्न बढ़ेगा. शेयर बेचने पर होने वाली पूरी कमाई आपके खाते में आएगी. अगर उदाहरण से समझें तो मान लेते हैं कि आपने 3,00,000 रुपये का स्टॉक बेचा.
वर्तमान स्थिति में - 1,25,000 रुपये तक की कमाई टैक्स फ्री होगी. बाकी के 1,75,000 रुपये पर 12.5% के दर से LTCG टैक्स करीब 21,875 रुपये लगेगा. यानी आपका रिटर्न 2,78,125 रुपये होगी.
अगर LTCG टैक्स हट जाए, तो 3,00,000 रुपये का पूरा रिटर्न आपका होगा. मतलब इस टैक्स के हटने से आपको 21,875 रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी.
रिटर्न पर लगने वाले TAX ने विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार से दूर किया है. FII ने इस साल अब तक 32.8 अरब डॉलर की बिकवाली की है. साल 2025 में 18.9 अरब डॉलर की बिकवाली की थी. मार्च 2026 में सबसे बड़ी बिकवाली 12.7 अरब डॉलर की हुई, अप्रैल 2026 में यह 6.5 अरब डॉलर और जून में 5.2 अरब डॉलर की FII बिकवाली हुई .
ये कहना गलत होगा कि केवल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स हटाने से विदेशी निवेशकों (FPIs/FIIs) वापस लौट आएंगे, लेकिन ये बात भी गौर करने वाली है कि टैक्स हटने से बेहतर रिटर्न की उम्मीद में विदेशी निवेशक वापस लौट सकते हैं या उसकी बिकवाली थम सकती है. बाजार में FII की वापसी से रुपये को मजबूत करने में मदद मिलेगी.