क्रूड सस्ता और सोना-चांदी हुआ महंगा! बड़ा सवाल-क्या टिक पाएगी दोनों कीमती धातुओं की तेजी?
यूएस मिड टर्म इलेक्शन रिजल्ट जारी होने के बाद शेयर बाजार के साथ ही सोने-चांदी में भी देखी जा रही है. सोने और चांदी में यह तेजी डॉलर इंडेक्स और क्रूड ऑयल में गिरावट के बाद देखी जा रही है. इस सबके बीच असली सवाल यही है कि क्या दोनों कीमती धातुओं में यह तेजी जारी रहेगी?
अगर आप भी शादी के लिए शॉपिंग का प्लान कर रहे हैं और सोना-चांदी लेने का मूड है तो आज का मार्केट अपडेट बेहद काम का है. 5 नवंबर यानी गुरुवार की सुबह सोने और चांदी दोनों के ही दाम में अच्छी रिकवरी देखने को मिल रही है. अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी, क्रूड ऑयल में गिरावट और US मिडटर्म इलेक्शन के बाद बनी अनिश्चितता ने बुलियन बुलियन मार्केट को सपोर्ट किया है. इंटरनेशनल मार्केट से लेकर एमसीएक्स (MCX) तक सोने और चांदी के तेवल बदलते नजर आ रहे हैं. इंटरनेशनल लेवल पर गोल्ड 4,125 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है, वहीं चांदी भी उछलकर 52 डॉलर के पार पहुंच गई है.
सोने और चांदी में तेजी आने के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई गिरावट को जाना जा रहा है. यह घटकर 101.18 पर आ गया है. इसके साथ ही क्रूड ऑयल के दाम में आई कमी से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है. केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया का कहना है, अमेरिका में किसी भी एक पार्टी के पास पूरा कंट्रोल नहीं होन से बड़े बदलावों की गुंजाइश कम होती है. आने वाले समय में बड़े फाइनेंशियल एक्सपेंशन की चिंता घटी है. इस कारण बाजार में शॉर्ट कवरिंग आई और सोने के दाम में तेज रिकवरी दर्ज की गई.
एमसीएक्स पर सोने-चांदी का हाल
ग्लोबल मार्केट में पिछले 24 घंटे के दौरान स्पॉट गोल्ड तेजी के साथ 4,127 डॉलर प्रति औंस से ऊपर ट्रेड कर रहा था. वहीं, यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.52 फीसदी के उछाल के साथ 4,135 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए. इंटरनेशनल स्पॉट सिल्वर भी 1.72 फीसदी चढ़कर 52 डॉलर प्रति औंस के ऊपर आ गई, जबकि यूएस सिल्वर फ्यूचर्स डेढ़ फसदी चढ़कर 53 डॉलर प्रति औंस पर आ गए. भारतीय वायदा बाजार एमसीएक्स (MCX) पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. 4 दिसंबर की डिलीवरी वाला डोमेस्टिक गोल्ड फ्यूचर्स 1671 रुपये की तेजी के साथ 144905 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. चांदी फ्यूचर्स की बात करें तो यह 594 रुपये चढ़कर 188329 रुपये प्रति किलो के लेवल को छू गई.
बुलियन मार्केट में भी तेजी
बुलियन मार्केट में भी सोने और चांदी के दाम में तेजी देखने को मिल रही है. गुरुवार सुबह बुलियन मार्केट में 24 कैरेट वाला सोना 1580 रुपये चढ़कर 145,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. इसी तरह 22 कैरेट वाले सोने की बात करें तो यह 133,238 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. 20 कैरेट गोल्ड को 121,125 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और 18 कैरेट गोल्ड को 109,013 रुपये प्रति 10 ग्राम पर देखा गया. अब यदि चांदी की बात करें तो इसमें कल के मुकाबले ज्यादा तेजी देखने को नहीं मिल रही और यह 590 रुपये चढ़कर 188,800 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है.
क्या टिक पाएगी सोने और चांदी की तेजी?
सोने और चांदी के दाम में आई हालिया तेजी को देखकर निवेशकों के मन में यही सवाल है कि क्या यह रैली लंबी चल पाएगी या फिर यह महज शॉर्ट-टर्म उछाल है. Giottus के सीईओ विक्रम सुब्बुराज का मानना है कि रिकवरी आसान नहीं होने वाली है. बाजार अभी भी इस बात की उम्मीद लगाकर बैठा है कि यूएस फेड रिजर्व दिसंबर महीने में ब्याज दर में इजाफा कर सकता है. यदि फेड ने मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर सख्ती दिखाई तो इससे यूएस डॉलर और बॉन्ड यील्ड को सपोर्ट मिलेगा. फेड के इस कदम के बाद सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लग सकता है. इसके अलावा 6 नवंबर को आनी वाली यूएस एम्पलॉयमेंट रिपोर्ट पर भी टिकी हैं. इस डेटा से यी भी इशारा मिलेगा कि फेड अगली मीटिंग में क्या कदम उठाने वाला है.
भारतीय निवेशकों के लिए सलाह
जानकारों की तरफ से भारतीय निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि उन्हें केवल इंटरनेशनल मार्केट के प्राइस नहीं, बल्कि भारतीय रुपये की चाल पर भी फोकस करना चाहिए. यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है तो भारत में सोने के दाम इंटरनेशनल तेजी से भी ज्यादा बढ़ सकते हैं . यदि रुपया मजबूत होता है तो ग्लोबल मार्केट की तेजी का असर भारतीय बाजार में कुछ हल्का पड़ सकता है. चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड और हाई वोलाटिलिटी के कारण सोने के मुकाबले ज्यादा बड़े प्राइस स्विंग्स देखने को मिल सकते हैं. हालांकि, जानकारों की तरफ से साफ कहा गया है कि भले ही शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव नजर आ रहा है लेकिन निवेशकों को किसी भी तेज उछाल को देखकर एक साथ पूरा पैसा लगाने से बचना चाहिए.
(डिस्क्लेमर: सोने-चांदी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. अगर आप गोल्ड या सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो वित्तीय जानकारों की सलाह जरूर लें.)