क्रूड ऑयल के फिर से रिकार्ड लेवल पर पहुंचने के बाद सोने और चांदी की कीमत में पिछले कुछ दिन से देखी जा रही गिरावट शुक्रवार को भी जारी रही. गिरावट का आलम यह रहा कि चांदी गिरकर दो लाख रुपये प्रति किलो के नीचे पहुंच गई है. दोनों कीमती धातुओं में यह गिरावट कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहने और ब्याज दर के लंबे समय तक ऊंचे रहने की आशंका के बीच देखी जा रही है. आज के कारोबारी सत्र में क्रूड उछलकर 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच घरेलू और इंटरनेशलन मार्केट दोनों में गिरावट देखी जा रही है.
इंटरनेशनल वायदा बाजार कॉमेक्स पर शुक्रवार को सोने और चांदी ने जबरदस्त गिरावट के साथ शुरुआत की. हालांकि, बाद में दोनों में ही रिकवरी देखी गई. दोपहर करीब 12.30 बजे सोना 33.60 डॉलर की गिरावट के साथ 4,026 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा था. इसी तरह, चांदी की बात करें तो यह एक डॉलर के करीब गिरकर 54 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. सोने-चांदी की यह गिरावट शादी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत लेकर आई है. अगर आपके घर में भी शादी की तैयारियां चल रहीं हैं तो खरीदारी के लिए यह मौका सही है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,43,309 रुपये से 1,251 रुपये फिसलकर 142058 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ. ट्रेडिंग सेशन के दौरान एक समय यह 1,503 रुपये टूटकर 1,41,806 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले लेवल पर पहुंच गया. चांदी में आज कल की ही तरह सोने के मुकाबले ज्यादा गिरावट देखी जा रही है. दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद भाव 1,99,599 रुपये से 3,012 रुपये लुढ़ककर 1,96,587 रुपये प्रति किलो पर खुली. बाद में इसे 3949 रुपये टूटकर 195650 पर कारोबार करते देखा गया. एक समय इसमें 6,799 रुपये की भारी गिरावट भी दर्ज की गई.
बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि हायर एनर्जी प्राइस ने महंगाई संबंधी चिंता को बढ़ा दिया है. यदि महंगाई दर ऊंचे लेवल पर बनी रहती है तो दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दर को लंबे समय तक ऊंचे लेवल पर रख सकते हैं. यही कारण है कि निवेशक फिलहाल सोने और चांदी में निवेश के प्रति सावधानी बरत रहे हैं. इस बीच, ग्लोबल मार्केट में सोने का दाम 4,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया., जिससे बाजार में कमजोरी का माहौल बना हुआ है. निवेशकों का फोकस अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, महंगाई के रुझान और केंद्रीय बैंकों की अगली पॉलिसी पर है.
बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि हायर बॉन्ड यील्ड और ब्याज दर में कटौती की उम्मीद के कमजोर पड़ने से सोने जैसे ब्याज नहीं देने वाली संपत्तियों पर दबाव बना हुआ है. हालांकि, डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आगे चलकर सपोर्ट दे सकती है. गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में सोने ने MCX पर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड लेवल टच किया था. वहीं चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम टाइम हाई पर पहुंच गई थी. मौजूदा दाम को देखें तो सोना और चांदी दोनों ही अपने रिकॉर्ड लेवल से काफी नीचे आ चुका है. चांदी रिकॉर्ड लेवल से करीब आधे दाम पर ट्रेड कर रही है.
पृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन ने सोने में निवेश के बारे में बताया कि यूएस और ईरान को लेकर अनिश्चितता है. हूती विद्रोहियों की तरफ से सऊदी अरब पर हमले से भी चिंता बढ़ गई है. अगले हफ्ते फेड रिजर्व की मीटिंग से पहले अभी सोने के दाम पर दबाव बना रहेगा. बाजार में चल रही इस उठापटक के बीच लॉन्ग टर्म निवेशक एसआईपी के जरिये इन्वेस्टमेंट जारी रख सकते हैं. लेकिन ट्रेडर को अभी इंतजार करना चाहिए. बाजार में गिरावट के बीच थोड़ा-थोड़ा निवेश करने वालों के लिए अच्छा मौका भी दिखाई दे रहा है.
घरेलू बाजार में सोने और चांदी के रेट जारी करने वाले इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर एसोसिएशन (IBJA) के दाम में भी आज गिरावट देखी जा रही है. IBJA की वेबसाइट पर रोजाना सुबह और शाम के समय गोल्ड और सिल्वर के रेट जारी किये जाते हैं. 23 अक्टूबर को IBJA की तरफ से जारी रेट के अनुसार 24 कैरेट वाला सोना गिरकर 141448 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. चांदी की बात करें तो इसमें 4500 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई और यह 19507 रुपये प्रति किलो पर देखी गई. 22 कैरेट वाला सोना टूटकर 129566 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और 18 कैरेट गोल्ड 106086 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
(डिस्क्लेमर: सोने-चांदी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. अगर आप गोल्ड या सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो वित्तीय जानकारों की सलाह जरूर लें.)