सोना ₹31000, तो चांदी ₹167000 फिसली...धनतेरस से पहले क्यों पस्त हुआ गोल्ड; खरीदारी करें या और गिरेंगे रेट
Gold Rate: दिवाली से पहले सोने की कीमत में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. सोने के दाम अपने ऑल टाइम हाई से 31000 रुपये तक गिर चुके हैं.
Gold Rate: त्योहारों में सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है. लोग फेस्टिव सीजन में बढ़चढ़ कर सोना खरीदते हैं. मांग बढ़ने के साथ अक्सर कीमत में तेजी आती है, लेकिन इस बार सीन कुछ बदला हुआ है. फेस्टिव सीजन में भारत में सोने के दाम लगातार गिर रहे हैं. 12 अक्टूबर, सोमवार को सोने के दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सोना एक झटके में 1300 रुपये से अधिक सस्ता हो गया. सिर्फ इतना ही नहीं सितंबर से अब तक सोने की कीमत में 8000 रुपये से अधिक की गिरावट आ चुकी है.
सोना हो रहा है सस्ता
12 अक्टूबर को सोने-चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट आई. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जारी रेटलिस्ट के मुताबिक आज 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1369 रुपए से अधिक फिसल गया. चांदी में 814 रुपये की गिरावट आई. 24 से लेकर 14 कैरेट शुद्धता वाला सोना आज सर्राफा बाजार में निम्नलिखित भाव पर पहुंच गया.
- 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,48,061 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,35,624 रुपये प्रति 10 ग्राम.
- 18 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,11,046 रुपये प्रति 10 ग्राम.
- 14 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 86,616 रुपये प्रति 10 ग्राम.
कितना सस्ता हुआ सोना
पिछले महीने सोने की कीमत 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई.इसी तरह 1 किलो चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपए से गिरकर 2.22 लाख रुपए पर आ गई. अगर 29 जनवरी 2026 रुपये के भाव से तुलना करें, तो सोना 1.79 लाख रुपये से सस्ता होकर 1.48 लाख रुपये पर पहुंच चुका है. यानी सोने के दाम 31000 रुपये से अधिक गिर चुके हैं. अब चांदी की कीमत देखें, तो 3.89 लाख रुपये से गिरकर आज 2.22 लाख रुपये से करीब पहुंच चुकी है. साल के शुरुआती 9 महीनों में चांदी के भाव में 1.67 लाख रुपये गिर चुके हैं.
सोने की कीमत में क्यों आ रही है गिरावट
खाड़ी युद्ध शुरू होने के बाद से जिस तरह से वैश्विक हालात बदल रहे हैं ,सोना सेफ हैवन के तौर पर अपनी पहचान को खोता जा रहा है. सोने की कीमत में लगातार गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों लगातार हो रही बढ़ोतरी और मंहगाई के बिगड़ते आंकड़े हैं. अमेरिका में बढ़ती महंगाई के चलते फेडरल रिजर्व ने 3 साल में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई है. ब्याज दर बढ़ने के बाद निवेशक बॉन्ड में पैसा लगाने लगते हैं, क्योंकि वहां रिटर्न बेहतर मिलता है, ऐसे में सोने के प्रति निवेशकों का आकर्षण कम होने लगता है.