स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल के खाते से 7.8 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड की आशंका
माइक्रोफाइनेंस कंपनी स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल के बैंक खाते से साइबर धोखाधड़ी के जरिए 7.80 करोड़ रुपये कई खातों में ट्रांसफर कर दिए गए.
Microfinance lender Spandana Sphoorty Financial: माइक्रोफाइनेंस कंपनी स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल ने अपने बैंक खाते से हुए ₹7.80 करोड़ (लगभग 78 मिलियन रुपये) के साइबर फ्रॉड की जानकारी दी है. कंपनी ने बताया कि 1 नवंबर को उसके एक बैंक खाते से अनधिकृत (बिना अनुमति के) ट्रांजेक्शन किए गए. ये एक साइबर धोखाधड़ी का मामला है.
कंपनी ने 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' पर शिकायत
कंपनी के एक बैंक खाते से कई अलग-अलग खातों में कुल 78 मिलियन रुपये (लगभग 822,300 डॉलर) ट्रांसफर किए गए. इस घटना का पता चलते ही, कंपनी ने तुरंत प्रभावित सेवाओं को रोक दिया. स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल ने इस मामले की जानकारी बैंक को दी (बैंक का नाम नहीं बताया गया है) और ट्रांजेक्शन को वापस करने, लाभार्थी खातों को फ्रीज करने और मामले की डिटेल जांच करने का अनुरोध किया. कंपनी ने 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' पर भी शिकायत दर्ज कराई है.
कैसे हुआ ट्रांजैक्शन ?
कंपनी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि ये ट्रांजैक्शन 82 लाभार्थी खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर करके किए गए थे. इस बात का पता चलने के बाद कंपनी ने अपने प्रोडक्शन एनवायरनमेंट में प्रभावित सर्विस को रोक दिया और अपने बैंक को इस बारे में इन्फॉर्म किया. साथ ही, कंपनी ने इन ट्रांजैक्शन को वापस करने (रिवर्सल) और लाभार्थी खातों को फ्रीज करने की मांग की. कंपनी ने इस घटना की विस्तृत जांच की भी मांग की है.
'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' पर शिकायत
कंपनी ने 1 नवंबर को 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' पर शिकायत दर्ज कराई और कहा कि वह अन्य संबंधित अधिकारियों को भी इन्फॉर्म कर रही है. कंपनी इस घटना की जांच कर रही है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कंपनी स्टॉक एक्सचेंजों को आगे की जानकारी देगी. इसमें किसी भी तरह की रिकवरी और जांच के नतीजे शामिल होंगे. फाइलिंग के अनुसार, इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों की पहचान का पता लगाने के लिए जांच चल रही है.
हाल के हफ्तों में भारत के कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों में साइबर घटनाएं सामने आई हैं. AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ग्राहकों के डेटा लीक होने की संभावना की जांच कर रहा है, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड लीक होने की जानकारी दी है.