Crude Oil: रूस और मिडिल ईस्ट की चाल से क्रूड ऑयल धड़ाम, ईरान और अमेरिका के बीच हुआ बड़ा खेल!
US Consumer Price Index: ग्लोबल मार्केट में इन दिनों उथल-पुथल का दौर जारी है. एक तरफ मिडिल ईस्ट के तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में हमलों के बीच क्रूड ऑयल के दाम में नरमी देखी जा रही है. दूसरी तरफ अमेरिका के महंगाई आंकड़ों ने फेड रिजर्व की तरफ से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद को हवा दे दी है.
Crude Oil Price: ग्लोबल मार्केट में पिछले कुछ दिन से चल रही उथल-पुथल गुरुवार को भी जारी रही. एक तरफ मिडिल ईस्ट के तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में हमलों के बीच क्रूड ऑयल के दाम में नरमी देखी जा रही है. दूसरी तरफ अमेरिका में महंगाई बढ़ने के बाद फेड रिजर्व की तरफ से ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद में सोने की चमक फीकी पड़ गई है. हालांकि, बाद में सोने रिकवरी देखी जा रही है. ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम में एक डॉलर से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. निवेशक इस बात का आंकलन कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हो रहे हमलों से सप्लाई पर कितना असर पड़ेगा.
अमेरिका की तरफ से जहाजों पर लगे बैन में ढील देकर शिपिंग कॉस्ट कम करने की कोशिश के कारण ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड के दाम में पिछले सत्र की तेजी पर ब्रेक लग गया है. इससे पहले सऊदी अरब की अरामको कंपनी के हेड क्वार्टर पर हुए हमलों और ईरान की तरफ से जहाजों को निशाना बनाने की पॉलिसी के कारण क्रूड के दाम में तेजी आई थी. होर्मुज स्ट्रेट के पास जहाजों पर किये जा रहे हमलों के कारण समुद्री ट्रांसपोर्टेशन और फ्रेट कॉस्ट रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए हैं. अमेरिका की तरफ से रूस, ईरान और वेनेजुएला से तेल ढोने वाले शैडो फ्लीट जहाजों पर बैन में ढील देने के बारे में सोचा जा रहा है. इससे ग्लोबल मार्केट में कीमत को कंट्रोल किया जा सकेगा.
रूस और मिडिल ईस्ट से बढ़ती सप्लाई
रूस और मिडिल ईस्ट से ऑयल प्रोडक्शन और निर्यात दोनों ही बढ़ने लगे हैं, जिससे दाम में लगाम लगी है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार सितंबर के महीने में रूस का क्रूड ऑयल प्रोडक्शन बढ़ा है और मिडिल ईस्ट से भी निर्यात में सुधार देखा गया. इसके अलावा अमेरिका में कमर्शियल क्रूड इन्वेंट्री में बड़ी गिरावट देखी गई. इसके बावजूद तेल की कीमत में कोई खास उछाल नहीं देखा गया.
सोने में बिकवाली और महंगाई का असर
दूसरी तरफ अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहने के कारण सोने के दाम में बुधवार को गिरावट देखी गई. हालांकि, बाद में कॉमेक्स पर सोने और चांदी दोनों में ही रिकवरी देखी जा रही है. सोने पिछले कुछ दिन से लगातार गिर रहा है और यह अपने कई हफ्ते के निचले लेवल पर पहुंच गया है. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने और ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के कारण निवेशकों ने अपना फोकस सोने से हटाकर डॉलर की तरफ शिफ्ट कर दिया है.
बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि अमेरिका में बढ़ती महंगाई के बाद फेड रिजर्व की तरफ से इस महीने ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना काफी मजबूत हो गई है. हालांकि, लॉन्ग टर्म में केंद्रीय बैंकों की तरफ से लगातार सोने की खरीद और अमेरिका के बढ़ते लोन के बोझ के चलते बुलियन मार्केट को फिर से सपोर्ट मिलने की पूरी उम्मीद है. चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम जैसी दूसरी कीमती धातुओं में भी भारी गिरावट के बाद रिकवरी देखी जा रही है.