मिडिल ईस्ट की जियो-पॉलिटिकल टेंशन एक बार फिर से चरम पर पहुंच गई है. तनाव बढ़ने के साथ ही क्रूड ऑयल के दाम में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. रेड सी में जहाजों पर हमलों और सऊदी अरब के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खतरे के कारण इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड दोनों में ही तेजी दर्ज की गई. ईरान के पास समुद्र में एक सुपरटैंकर के समुद्री सुरंग से टकराने और सऊदी अरामको के ठिकानों पर हमलों के बाद ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है.
लगातार तनाव बढ़ने के बाद इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड वायदा एक डॉलर से भी ज्यादा चढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं, WTI क्रूड भी एक डॉलर की तेजी के साथ 99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की तरफ से बताया गया कि होर्मुज स्ट्रेट के साउथ में ईरानी नियमों को तोड़ने पर एक सुपरटैंकर समुद्री सुरंग से टकरा गया और उसमें आग लग गई. शिपिंग ट्रैकर केप्लर के डाटा के अनुसार बीते दो हफ्ते के दौरान समुद्र में जहाजों पर कम से 18 हमलों की घटनाएं दर्ज की गई हैं.
जानकारों का मानना है कि जहाहों पर हमले अब होर्मुज स्ट्रेट तक ही नहीं नहीं रहे, बल्कि ईरान ओमान की खाड़ी तक तेल के जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. यमन के हूती विद्रोहियों की तरफ से सऊदी अरामको की यनबू साइट, शायबाह तेल सेक्टर और रियाद व अब्हा एयरपोर्ट पर हमलों की जिम्मेदारी ली गई है. इस बीच यमन के सरकारी बलों पर हूतियों के हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 पहुंच गई है. हालांकि, इससे पहले वाले ट्रेडिंग सेशन में कीमत में कुछ गिरावट आई थी जब ईरान के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख से तेहरान में मुलाकात के दौरान शांति की बात कही थी. लेकिन हालात में सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा.
अमेरिका में एनर्जी डिपार्टमेंट के अधिकारी रिफाइनरियों के साथ मिलकर तेल का प्रोडक्शन बढ़ाने पर काम कर रहे हैं, क्योंकि डीजल की किल्लत से दाम काफी बढ़ गए हैं. इसके अलावा अमेरिका में क्रूड ऑयल के कमर्शियल स्टॉक में भी भारी गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है. जानकारों की तरफ से अनुमान जताया गया कि 16 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में अमेरिका के क्रूड ऑयल रिजर्व में 8,00,000 बैरल तेल की कमी आई है. इससे आने वाले दिनों में तेल की कीमत में और तेजी आ सकती है.
क्रूड की कीमत में पिछले काफी समय से चल रही उठापटक के बीच देश की प्राइवेट कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा कर दिया था. लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने मई में ही इसकी कीमत में इजाफा किया था. उसके बाद से दाम में किसी तरह का चेंज नहीं हुआ है. पिछले दिनों क्रूड के दाम में गिरावट आई तो आम आदमी के मन में यही सवाल था कि इसका फायदा उन्हें मिलेगा या नहीं? लेकिन अब फिर क्रूड चढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेंड कर रहा है. बुधवार सुबह इंडियन ऑयल की तरफ से जारी दाम में किसी तरह का बदलाव देखने को नहीं मिला. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बरकरार है.