शांति वार्ता शुरू होने से पहले नीचे क्रूड ऑयल का रेट, 4 हफ्ते के निचले लेवल पर पहुंचा कच्चा तेल
रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता और कतर के मीडिएशन में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट देखी जा रही है. इस गिरावट के साथ कच्चे तेल के दाम गिरकर 4 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गए हैं.
दुनियाभर के शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट की नजर इस समय क्रूड ऑयल की चाल पर टिकी हुई हैं. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल के दाम 4 हफ्ते के सबसे निचले लेवल पर पहुंच गए हैं. एक तरफ रूस-यूक्रेन और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद जग रही है. दूसरी तरफ अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन और स्ट्रैटजिक ऑयल सप्लाई ने बाजार के समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है. बुधवार सुबह भी ब्रेंट क्रूड का दाम 104 डॉलर प्रति बैरल के करीब देखा गया. यह 7 अक्टूबर के बाद का सबसे निचला लेवल है. इसी तरह WTI क्रूड भी 37 सेंट गिरकर 96.62 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेंड कर रहा है.
बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि जंग रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाता है तो आने वाले दिनों में तेल की कीमत में और गिरावट आ सकती है. क्रूड ऑयल के दाम में आई गिरावट का कारण रूस-यूक्रेन और ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता की सुगबुगाहट है. कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार अमेरिका और ईरान मीडिएशन के नए प्रपोजल पर विचार कर रहे हैं. इसके अलावा रूस 10 से 11 नवंबर के बीच अबू धाबी में अमेरिका और यूक्रेन के साथ शांति वार्ता करने जा रहा है. यदि यह बातचीत सफल रही तो मार्केट में रूसी तेल की सप्लाई बढ़ सकती है. इसका असर भी कीमत पर देखा जाएगा.
अमेरिकी इलेक्शन और जियोपॉलिटिकल टेंशन
ग्लोबल ऑयल मार्केट की निगाहें अमेरिका में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन पर टिकी हैं. जानकारों का मानना है कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स का दबदबा बढ़ सकता है, जबकि सीनेट को लेकर स्थिति साफ नहीं है. इस राजनीतिक हलचल के बीच अमेरिका ने हाल ही में ईरान के द्वीप पर हवाई हमले भी किये हैं. इसके अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा वित्त वर्ष के बाद इजरायल को दी जाने वाली 4 अरब डॉलर की मदद रोकी जा सकती है. तेल की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए सऊदी अरामको अपनी पाइपलाइन का एक्सपेंशन कर रही है. यह कदम होर्मुज के विकल्प के तौर पर उठाया जा रहा है.
जवाबी कार्रवाई में रूस की रिफाइनरी पर हमला
पीस टॉक की कोशिश के बीच दोनों ही मार्चें पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. रूस ने हाल ही में यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिसाइलों और ड्रोन से जबरदस्त हमला किया. इसके बाद कई इलाकों में बिजली ठप हो गई. जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन ने रूस के यारोस्लाव शहर में स्थित एक अहम तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला कर आग लगा दी. काला सागर में मालवाहक जहाजों पर बढ़ रहे हमले नाटो देशों के लिए भी चिंता का कारण बने हुए हैं. व्यापारी अमेरिका के पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट और एनर्जी इंफारमेशन अथॉरिटी की वीकली इन्वेंट्री रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.
जानकारों का अनुमान है कि 30 अक्टूबर को खत्म होने वाली सप्ताह में अमेरिकी ऑयल रिजर्व में 0.9 मिलियन बैरल की बढ़ोतरी हुई है. यदि यह अनुमान सही साबित हुआ तो पिछले पांच हफ्ते के दौरान यह पहला मौका होगा जब अमेरिकी क्रूड स्टॉक में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इससे बाजार को और स्थिरता मिल सकती है.