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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दांव, रूसी तेल पर ढील मिलते ही बदल रहा ग्लोबल ऑयल मार्केट का रुख

रूस से एक्सपोर्ट करने वाले तेल पर अमेरिकी बैन में ढील की खबर से क्रूड ऑयल की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, सऊदी अरब पर हूती हमलों के कारण मिडिल ईस्ट में सप्लाई का खतरा बना हुआ है.

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Oct 20, 2026, 07:53 AM IST | Updated: Oct 20, 2026, 07:55 AM IST
Image Credit: (File Photo) अमेरिकी राष्ट्रपति के नए आदेश के बाद क्रूड ऑयल के दाम में नरमी देखी जा रही है.
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दुनियाभर के ऑयल मार्केट में इस समय दो बड़ी शक्तियों के बीच खींचतान चल रही है. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से रूस पर लगे बैन पर ढील देने से क्रूड ऑयल के बाजार में राहत मिलती दिख रही है. दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब पर हुए हमलों से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इन दोनों ही खबरों के बीच क्रूड ऑयल के दाम में हल्की नरमी देखने को मिल रही है. मंगलवार को क्रूड ऑयल का रेट मामूली रूप से नीचे आ गया.

इंटरनेशनल क्रूड मार्केट में कच्चे तेल की कीमत में हल्की गिरावट देखी गइ्र. मंगलवार सुबह ब्रेंट क्रूड 49 सेंट गिरकर 109.06 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर आ गया. दूसरी तरफ WTI क्रूड का नवंबर कॉन्ट्रैक्ट 103.32 डॉलर पर बंद हुआ. हालांकि, इससे पिछले सत्र में ब्रेंट क्रूड 110.70 डॉलर तक पहुंच गया था. यह क्रूड ऑयल का मई के बाद सबसे ऊंचा लेवल था.

ट्रंप के फैसले से बाजार को राहत

कच्चे तेल के दाम में आई नरमी का अहम कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ट्रम्प का एक नया आदेश है. ट्रंप की तरफ से शुक्रवार को जारी किये गए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में रूस के एनर्जी एक्सपोर्ट से जुड़े कुछ बैन और टैरिफ पर छूट दी है. इसमें रूसी तेल और गैस खरीदने पर लगने वाली पेनाल्टी से राहत दी गई है. हालांकि, ट्रंप ने बाद में कहा कि अभी इस पर आखिरी फैसला लिया जाना बाकी है. इसके बावजूद बाजार में रूसी तेल की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद की जा रही है.

तनाव के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ी

रूसी तेल के मोर्चे पर भले ही राहत की खबर आ रही हो. लेकिन मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने निवेशकों की चिंता को बढ़ा दिया है. यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अलग-अलग ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है. इसमें यनबू स्थित अरामको की एक साइट और शयबाह तेल सेक्टर शामिल है. हूतियों ने रियाद और आभा एयरपोर्ट्स को भी निशाना बनाने का दावा किया है. तनाव के बीच चल रही क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण क्रूड ऑयल के दाम अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रहे हैं.

बाजार में आगे क्या होगा?

बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि रूसी डीजल की एक्स्ट्रा सप्लाई से राहत मिल सकती है. लेकिन ट्रेडर्स का पूरा फोकस फिलहाल खाड़ी सेक्टर के इंफ्रास्ट्रक्चर को होने वाले नुकसान पर है. इस बीच अमेरिका में भी पिछले हफ्ते क्रूड ऑयल का भंडार घटने की संभावना जताई गई है. आने वाले दिनों में ट्रंप का अंतिम फैसला और मिडिल ईस्ट के हालात से ही तय होगा कि तेल सस्ता होगा या महंगा.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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