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CAIT Clarification : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘No UPI Day’ को लेकर चल रही खबरों से खुद को अलग कर लिया है. ट्रेडर्स बॉडी ने स्पष्ट किया है कि उसने देशव्यापी स्तर पर ऐसे किसी अभियान का न तो आह्वान किया है और न ही इसका समर्थन किया है. CAIT ने 25 सितंबर को जारी एक स्पष्टीकरण में कहा था कि 2 अक्टूबर को ‘No UPI Day’ मनाने को लेकर संगठन की ओर से कोई फैसला, प्रस्ताव या आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
CAIT के नाम से इस तरह की खबरों को उसने तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है. CAIT ने ये भी स्पष्ट किया कि कुछ अन्य व्यापारिक संगठनों और क्षेत्रीय संस्थाओं की ओर से मर्चेंट डिस्काउंट रेट के मुद्दे पर घोषित कार्यक्रम उनके अपने फैसले हैं. इन्हें CAIT की आधिकारिक पहल के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
ट्रेडर्स बॉडी ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर CAIT द्वारा ऐसे किसी विरोध प्रदर्शन के समर्थन या उसमें भागीदारी के दावे गलत हैं. संगठन ने मीडिया संस्थानों से अपील की कि उसके नाम से किसी भी बयान या कार्यक्रम की जानकारी प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक चैनलों से पुष्टि की जाए. CAIT ने साथ ही कहा कि वो व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के विकास, स्थिरता और सुरक्षा का समर्थन करता है.
ये स्पष्टीकरण CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल की ओर से जारी किया गया है.
UPI का नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. इसके तहत ₹2,000 से अधिक के निर्धारित पर्सन-टू-मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा. वहीं, ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम लिमिट ₹300/ट्रांजैक्शन होगी.