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12 मंजिला इमारत जितना ऊंचा, 480 मीटर लंबा...साबरमती पर तैयार हुआ बुलेट ट्रेन पुल, रेलमंत्री ने दी बड़ी अपडेट

NHSRCL ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए अहमदाबाद में साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा पुल पूरा कर लिया है.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 03, 2026, 04:59 PM IST | Updated: Oct 03, 2026, 05:39 PM IST
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Mumbai-Ahmedabad Bullet Train : नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा पुल पूरा कर लिया है. इस बात की जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद दी है. ये पुल लगभग 36 मीटर ऊंचा है यानी की 12 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर है. बता दें, ये अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के मुख्य स्ट्रक्चर में से एक है.

कहां पर बना है ये पुल?

ये पुल साबरमती और अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है. साबरमती स्टेशन से लगभग 1 किमी और अहमदाबाद स्टेशन से 4 किमी दूर है.  साबरमती बुलेट ट्रेन पुल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये साबरमती नदी को पार करे और साथ ही इलाके में मौजूद मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर से जरूरी क्लीयरेंस भी बनाए रखे. 

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का रूट कई मौजूदा स्ट्रक्चर से होकर गुजरता है. इनमें रेलवे लाइन, फ्लाईओवर, पुल और मेट्रो कॉरिडोर शामिल हैं. ये पुल पास की अहमदाबाद-दिल्ली रेलवे लाइन जमीन के लेवल से लगभग 14.8 मीटर ऊपर है. 

NHSRCL के मुताबिक, मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी क्लीयरेंस की वजह से साबरमती नदी के पुल के पिलर को अधिक ऊंचाई वाला डिजाइन किया गया था.

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के अधिकांश नदी पुलों में लगभग 40 मीटर के छोटे स्पैन हैं, जबकि साबरमती नदी पुल में 50 से 76 मीटर तक के लंबे स्पैन बनाए गए हैं. इससे नदी तल के भीतर आवश्यक पियर्स की संख्या कम करने में मदद मिली है. इस पुल में 76 मीटर के पांच स्पैन और 50 मीटर के दो स्पैन शामिल हैं. प्रत्येक स्पैन में 23 सेगमेंट हैं. इन्हें निर्माण स्थल पर इन-सिटू कास्ट किया गया.

कैसे हुआ पुल का निर्माण?

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर साबरमती नदी पुल का निर्माण 'बैलेंस्ड कैंटिलीवर मेथड' से किया गया है. इस तरीके का इस्तेमाल नदियों और गहरे जलमार्गों पर लंबे स्पैन वाले पुल बनाने के लिए किया जाता है. इस तरीके में पुल का डेक पिलर से बाहर की ओर संतुलित हिस्सों (सेक्शन) में बनाया जाता है. इससे पूरे पुल डेक के नीचे पारंपरिक सपोर्ट स्ट्रक्चर लगाए बिना निर्माण किया जा सकता है. 

इसके हिस्सों (सेगमेंट) को निर्माण स्थल पर ही ढाला गया और फिर पोस्ट-टेंशनिंग का इस्तेमाल करके जोड़ा गया. हर स्पैन में 23 सेगमेंट होते हैं और इसके निर्माण के लिए अलग-अलग चरणों में सटीक इंजीनियरिंग और क्वालिटी चेक की जरूरत होती है.

 

 

21 पुलों में से 18 पूरे हुए

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कुल 25 नदी पुल होंगे. इनमें से 21 गुजरात में और 4 महाराष्ट्र में हैं. साबरमती नदी पुल के पूरा होने के साथ ही, गुजरात में 21 नदी पुलों में से 18 पुल अब बनकर तैयार हो गए हैं.

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About the Author

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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