7.8% GDP पर दिखाया भरोसा, कौन हैं ब्लैकस्टोन जो भारत में लगाएंगे ₹950000 करोड़ ?
Blackstone: भारत पर विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है. ब्लैकस्टोन ने भारत में निवेश बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की बात कही है.
Blackstone Investment: युद्ध और तेल संकट के बीच वैश्विक भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है. अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी इस पर मुहर लगा दी है. IMF ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत के विकास दर की रफ्तार को बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था के 3.1 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है. भारत की बढ़ती GDP अब विदेशी निवेशकों को अपनी ओर खींच रही है. दुनिया की दिग्गज निवेश कंपनी ब्लैकस्टोन ने भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश की बात कही है.
भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश
जिस तरह से ग्लोबल मार्केट में उठापटक का माहौल बना हुआ है, उसके बावजूद भी भारत का GDP ग्रोथ चार्ट निवेशकों को लुभाने में सफल रहा है. ब्लैकस्टोन के प्रेसिडेंट जॉन ग्रे ने ये तक कहा है कि अगली सदी भारत की होगी. कंपनी ने अगले 5 साल में भारत में अपना निवेश बढ़ाकर दोगुना करने की घोषणा की है.
क्या करती है ब्लैकस्टोन
ब्लैकस्टोन दुनिया की सबसे बड़ी अल्टरनेटिव एसेट्स मैनेजमेंट कंपनी और निवेशक है. कंपनी भारत में अब तक 50 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है और अगले पांच सालों में इस निवेश को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने माना कि भारत व्यापार के लिए बेहतर देश है. जॉन ग्रे ने कहा कि अमेरिका के बाद भारत वो देश है, जहां कंपनी को लिस्ट कराना सबसे आसान है. निवेशकों के लिए बेहतर एंट्री-एग्जिट के विकल्प हैं.
कहां लगाया जाएगा पैसा
ब्लैकस्टोन ये पैसा प्राइवेट इक्विटी , रियल एस्टेट , इन्फ्रास्ट्रक्चर और क्रेडिट सेक्टर में लगाएगा. उन्होंने ने माना कि भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का बाहर निकलना आसान होता है, इसलिए जो विदेशी निवेशक बाहर निकल गए हैं, वो भी जल्द वापस लौटेंगे. ग्रे ने ये भी बताया कि आखिर क्यों विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से क्यों निकल रहे हैं. ग्रे के मुताबिक भारत कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है और ग्लोबल मार्केट में तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है. हालांकि भारत का घरेलू डिमांड और मजबूत अर्थव्यवस्था के प्रति निवेशकों का नजरिया अब भी सकारात्मक बना हुआ है. ऐसे में उम्मीद है कि निवेशक जल्द वापस लौटेंगे.