बेंगलुरु-अहमदाबाद में घरों की मांग क्यों बढ़ रही है? जानिए देश के किन शहरों में है रियल एस्टेट का बूम
एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान आवास की मांग के लिए बेंगलुरु और अहमदाबाद सबसे मजबूत बाजार बनकर उभरे हैं.
Housing Demand Surge : जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान पूरे भारत में घरों की मांग में तेजी आई है. इसमें बेंगलुरु और अहमदाबाद सबसे टॉप पर रहे. त्योहारी सीजन के कारण बाजार में खरीदारों की संख्या बढ़ी है और प्रीमियम घरों की ओर भी लोगों का ध्यान जा रहा है. हालांकि अलग-अलग शहरों में डिमांड का लेवल अलग-अलग है.
घरों की मांग में 8.2% की ग्रोथ
मैजिकब्रिक्स रिसर्च की 'प्रॉपइंडेक्स' (PropIndex) रिपोर्ट के मुताबिक, घरों की मांग में पिछली तिमाही के मुकाबले 8.2% की ग्रोथ हुई, जबकि प्रॉपर्टी की सप्लाई में 1.9% का इजाफा हुआ. इस तिमाही में प्रॉपर्टी की कीमतों में 1% की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई. ये आवासीय बाजार में धीरे-धीरे हो रहे सुधार का संकेत है. हालांकि, मांग अभी भी पिछले साल के स्तर से नीचे है. इससे पता चलता है कि बाजार में सुधार अभी भी एक समान नहीं है.
बेंगलुरु और अहमदाबाद मांग में सबसे आगे
इस तिमाही के दौरान घरों की मांग के मामले में बेंगलुरु और अहमदाबाद सबसे मजबूत बाजार बनकर उभरे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु में मांग 14.2% बढ़ी, जबकि अहमदाबाद में 13.5% की ग्रोथ दर्ज की गई. नवी मुंबई और ठाणे भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल रहे. मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई में भी मांग बढ़ी है, जबकि ग्रेटर नोएडा, कोलकाता और नोएडा में अपेक्षाकृत कम ग्रोथ देखी गई है. इन रुझानों से पता चलता है कि घर खरीदारों की दिलचस्पी कई आवासीय बाजारों में है. हालांकि, अलग-अलग शहरों में विकास की गति अलग-अलग है.
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प्रीमियम घरों की ओर बढ़ा रुझान
कुल डिमांड में सुधार के साथ-साथ, प्रीमियम घरों ने भी खरीदारों को आकर्षित किया है. खासकर बेंगलुरु, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में. नोएडा में प्रीमियम सेगमेंट में नई सप्लाई भी बढ़ी है. ये दर्शाता है कि डेवलपर्स अभी भी महंगे (हाई-वैल्यू) घरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. मिगसन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर यश मिगलानी ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में मांग में सुधार, त्योहारी सीजन से पहले खरीदारों के बेहतर होते मूड को दर्शाता है.
उन्होंने कहा, 'जुलाई-सितंबर तिमाही में घरों की मांग इसलिए बढ़ी है क्योंकि त्योहारी सीजन के करीब आने से खरीदारों का उत्साह बढ़ा है. लग्जरी प्रॉपर्टीज में दिलचस्पी बढ़ी है, साथ ही 2 BHK और 3 BHK यूनिट्स की लोकप्रियता भी बनी हुई है. इससे पता चलता है कि लोग अपनी जीवनशैली की जरूरतों और निवेश के बीच एक अच्छा संतुलन तलाश रहे हैं.'
मिगलानी ने कहा कि बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास और लोगों की बदलती आवासीय प्राथमिकताओं के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अभी भी काफी संभावनाएं मौजूद हैं.
मुंबई और चेन्नई में कीमतों में अधिक तेजी
इस तिमाही में राष्ट्रीय स्तर पर प्रॉपर्टी की कीमतों में 1% की ग्रोथ हुई. इसमें मुंबई और चेन्नई जैसे बाजारों में कीमतों में काफी तेजी देखी गई है. हालांकि, अलग-अलग शहरों में कीमतों में बदलाव एक जैसा नहीं रहा, जो वहां की स्थानीय मांग और बाजार की स्थितियों में अंतर को दर्शाता है.
प्रॉपर्टी की डिमांड में बढ़ोतरी और सप्लाई में मामूली वृद्धि, हाउसिंग मार्केट में बढ़ती गतिविधियों का संकेत देती है. फिर भी, डिमांड का स्तर अभी भी पिछले साल के मुकाबले कम है. इससे पता चलता है कि बाजार को पूरी तरह से रिकवर होने में अभी और समय लगेगा.
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घर खरीदने वाले क्या तलाश रहे हैं?
जहां एक तरफ प्रीमियम घरों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है, वहीं व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) घरों की डिमांड भी बनी हुई है. खरीदारों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी दो-बेडरूम और तीन-बेडरूम वाले अपार्टमेंट में है. इससे पता चलता है कि लोग जगह, बजट और अपनी जीवनशैली की जरूरतों के बीच एक सही संतुलन चाहते हैं. 'राइज इन्फ्रावेंचर्स लिमिटेड' के फाउंडर और CEO सचिन गवरी ने बताया कि प्रॉपर्टी चुनते समय खरीदार अब लोकेशन, कनेक्टिविटी और जीवन की गुणवत्ता (क्वालिटी ऑफ लाइफ) जैसी बातों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.
उन्होंने कहा, 'खरीदार अब ऐसी प्रॉपर्टी चुन रहे हैं, जहां वे लोकेशन, कनेक्टिविटी और वहां मिलने वाली जीवन की गुणवत्ता को अच्छे से समझते हैं. इन सब बदलावों के बीच, प्रैक्टिकल डिजाइन वाले घरों को चुनने का चलन यह दिखाता है कि लोगों को आरामदायक और किफायती विकल्पों की जरूरत है.'
इस बीच, मांग में तेजी आने और प्रीमियम घरों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ने से, आने वाली तिमाहियों में यह साफ हो जाएगा कि क्या त्योहारों के दौरान बनी यह तेजी भारत के हाउसिंग मार्केट में एक स्थायी रिकवरी का रूप ले पाएगी या नहीं.