सिलेंडर के बाद आज से महंगा हुआ तेल: पेट्रोल ₹5, डीजल के ₹3 बढ़े दाम, देश के सबसे बड़े रिटेलर ने दिया जोर झटका
Petrol-Diesel Price Hike: तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए, जिसके दो दिन बाद अब देश की सबसे बड़ी रिटेल फ्यूल कंपनी ने पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है.
Petrol-diesel Price Hike: 1 अक्टूबर को सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी कर दी गई. कमर्शियल सिलेंडर के दाम 62 रुपये तक बढ़ा दिए गए. LPG सिलेंडर के बाद अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं. देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने अपने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. एक साथ पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं.
आज से बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
नायरा एनर्जी भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेल कंपनी है. देशभर में 7108 पेट्रोल पंप हैं. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से कंपनी लगातार दबाव झेल रही थी, जिसके बाद नायरा ने आज, 3 अक्टूबर ने देशभर में अपने सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के रेट में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है.
सरकारी तेल कंपनियों ने नहीं बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के रेट
यहां गौर करने वाली बात है कि देश की सरकारी तेल कंपनियों ने तेल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (Indian Oil Corporation), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (Bharat Petroleum Corporation) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (Hindustan Petroleum Corporation) की ओर से पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.
देश के 90% से अधिक पेट्रोल पंपों का कंट्रोल इन्हीं तीन कंपनियों के पास है. देशभर में करीब 1,04,137 पेट्रोल पंप हैं. इन सरकारी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल के रिटेल प्राइस जस के तस है, इसमें कोई बढोतरी नहीं की गई है. बता दें कि मई 2026 के बाद से सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है.
तेल कंपनियों को हर लीटर पर हो रहा भारी नुकसान
ICRA के डेटा के मुताबिक ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमत और घरेलू रिटेल मार्केट में पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव नहीं होने से सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन 530 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है.
- देश की तीनों सरकारी तेल कंपनियों को डीजल पर करीब 9 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है.
- पेट्रोल पर 8 रुपये प्रति लीटर का घाटा झेल रही है.
- घरेलू LPG सिलेंडर पर करीब 300 प्रति सिलेंडर नुकसान हो रहा है.
तेल कंपनियों के लिए ये घाटा झेलना लॉन्ग टर्म में संभल नहीं है. अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत में जल्द गिरावट नहीं आई, होर्मुज का रास्ता जल्द नहीं खुला, तो तेल कंपनियों के लिए इस नुकसान को लंबे वक्त के लिए झेलना आसान नहीं होगा.
एक गाड़ी के लिए 200 लीटर से ज्यादा डीजल देने पर रोक
इससे पहले देश की बड़ी प्राइवेट तेल कंपनियों रिलायंस-बीपी और नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल की सेल की सीमित कर दिया था. देशभर के नायारा एनर्जी के आउटलेट्स पर अधिकतम 200 लीटर डीजल और 30 लीटर पेट्रोल से अधिक की सप्लाई पर रोक लगा दिया गया. कंपनी का मकसद जमाखोरी को रोकना है.