)
जमुई-झाझा रेलखंड पर कटौना लोहा रेलवे पुल के समीप सोमवार को दर्दनाक हादसे में छोटी बहन के सामने ही भाई की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई. बहन को ससुराल झाझा छोड़ने जा रहे मनोहर कुमार ट्रेन में अत्यधिक भीड़ और धक्का-मुक्की के कारण गेट से नीचे गिर पड़े. हादसा इतना भयावह था कि उनका सिर शरीर से करीब 100 मीटर दूर मिला. परिजनों के अनुसार, करीब चार घंटे तक शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा. इस दौरान कई ट्रेनें उसके ऊपर से गुजरती रहीं. घटना से पनपुरवा गांव में मातम पसरा है.
मृतक की पहचान बरहट थाना क्षेत्र के पनपुरवा गांव निवासी वीरेंद्र मंडल के पुत्र मनोहर कुमार के रूप में हुई है. मृतक के चचेरे भाई रोहित कुमार ने बताया कि मनोहर अपनी छोटी बहन खुशबू कुमारी को झाझा स्थित ससुराल छोड़ने जा रहा था. इसके बाद उसे देर रात जसीडीह से ट्रेन पकड़कर मजदूरी के लिए बेंगलुरु जाना था. उसके पास रिजर्वेशन टिकट भी था.
मनोहर अपनी बहन के साथ जमुई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस में सवार हुआ था. ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण वह किसी तरह बहन को अंदर पहुंचाने में सफल रहा, लेकिन खुद गेट पर ही लटकता रह गया. जमुई स्टेशन से करीब दो किलोमीटर आगे कटौना लोहा पुल के पास उसका हाथ छूट गया और वह नीचे गिर पड़ा.
हादसे के बाद बहन ने अनजान नंबर से फोन कर मायके वालों को सूचना दी. परिजन खोजबीन करते हुए रेलवे पोल संख्या 390/24 और 390/25 के बीच डाउन लाइन पर पहुंचे, जहां मनोहर का क्षत-विक्षत शव मिला.
परिजनों के अनुसार, हादसे में मनोहर का सिर शरीर से करीब 100 मीटर दूर मिला, जबकि हाथ अप और डाउन लाइन के पास पड़ा था. उनका आरोप है कि सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक शव ट्रैक पर पड़ा रहा. इस दौरान कई ट्रेनें शव के ऊपर से गुजर गईं. मौके पर आरपीएफ और रेल प्रशासन के समय पर नहीं पहुंचने को लेकर परिजनों ने नाराजगी जताई.
सूचना पर मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सौरभ के निर्देश पर अपर थानाध्यक्ष स्वाति कुमारी और एसआई सुनील कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जमुई भेज दिया.
मनोहर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था. उसकी मौत के बाद पत्नी, दो बेटों और एक बेटी के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. थानाध्यक्ष ने बताया कि लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.
मृतक के चचेरे भाई रोहित कुमार ने बताया कि मनोहर अपनी छोटी बहन को ससुराल झाझा छोड़ने जा रहा था. इसके बाद उसे मजदूरी करने के लिए बेंगलुरु जाना था. ट्रेन में काफी भीड़ होने के कारण मनोहर अपनी बहन को अंदर चढ़ाने के बाद खुद गेट पर लटक रहा था. कटौना लोहा पुल के पास उसका हाथ छूट गया और वह ट्रेन से नीचे गिर गया. हादसे के बाद परिजन मौके पर पहुंचे, जहां मनोहर का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा था. परिजनों के अनुसार, करीब चार घंटे तक शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा.
रिपोर्ट: अभिषेक निरला