बरौनी रिफाइनरी में 40 फीट की ऊंचाई से गिरा मजदूर: मौत पर मजदूरों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार की पिटाई और तोड़फोड़
बरौनी रिफाइनरी के अंदर काम करने के दौरान 40 फीट की ऊंचाई से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई. घटना के बाद साथी मजदूरों का आक्रोश भड़क उठा. मुआवजे की मांग को लेकर मजदूर शव को रिफाइनरी गेट पर रखकर प्रदर्शन करने लगे.
बेगूसराय के बरौनी रिफाइनरी के अंदर काम करने के दौरान 40 फीट की ऊंचाई से गिरकर एक मजदूर की मौत के बाद जमकर बवाल हो गया. इस दौरान मजदूरों ने ठेकेदार की जमकर पिटाई कर दी. वहीं, मजदूर की मौत के बाद साथी मजदूरों का आक्रोश भड़क उठा. मुआवजे की मांग को लेकर मजदूर शव को रिफाइनरी गेट पर रखकर प्रदर्शन करने लगे. देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में मजदूर जुट गए और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया.
आरोप है कि काफी देर तक प्रदर्शन के बावजूद जब मुआवजे को लेकर बातचीत नहीं हुई, तो आक्रोशित मजदूरों ने तोड़फोड़ और मारपीट की. इस दौरान एक ठेकेदार के साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि मजदूर करीब 16 घंटे से शव के साथ रिफाइनरी गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं और काम बंद कर हड़ताल पर बैठ गए हैं. इस घटना के बाद रिफाइनरी में मजदूरों की सुरक्षा और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
ध्यान दीजिएगा कि बेगूसराय के बरौनी रिफाइनरी के अंदर काम करने के दौरान एक दर्दनाक हादसे में मजदूर की जान चली गई. मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के किल्ली मोहनपुर, वार्ड नंबर-7 निवासी स्वर्गीय अशोक चौधरी के पुत्र मुरारी चौधरी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि मुरारी चौधरी पिछले कई महीनों से बरौनी रिफाइनरी में मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे. वह निजी कंपनी एसकेपीएल में कार्यरत थे. जानकारी के मुताबिक, बुधवार को मुरारी चौधरी चार से पांच अन्य मजदूरों के साथ करीब 40 फीट की ऊंचाई पर लोहे की पाइप और स्ट्रक्चर लगाने का काम कर रहे थे. इसी दौरान लोहे का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिसके साथ मुरारी चौधरी भी ऊंचाई से नीचे गिर पड़े. इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना के बाद वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई. साथी मजदूर आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. मुरारी चौधरी की मौत की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में चीख-पुकार मच गई. वहीं, साथी मजदूरों में भी आक्रोश फैल गया. मजदूर शव को लेकर बरौनी रिफाइनरी के गेट पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. देखते ही देखते बड़ी संख्या में मजदूर वहां जुट गए.
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प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की मांग है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए. बताया जा रहा है कि मजदूर करीब 16 घंटे से शव के साथ रिफाइनरी गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान मजदूरों ने काम बंद कर हड़ताल भी शुरू कर दी है. मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन उस समय और उग्र हो गया, जब काफी देर तक उनकी मांगों पर बातचीत करने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी सामने नहीं आया.
इसके बाद आक्रोशित मजदूरों ने जमकर हंगामा किया. इस दौरान तोड़फोड़ और मारपीट की घटना भी सामने आई है. आरोप है कि एक ठेकेदार के साथ भी मजदूरों ने मारपीट की. हालांकि, तोड़फोड़ और मारपीट की घटना को लेकर संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है. ऐसे में पूरे मामले में पुलिस और रिफाइनरी प्रबंधन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है. बरौनी रिफाइनरी के अंदर हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल, मजदूर मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं. हालांकि, घटनास्थल पर कई थाने के पुलिस और सदर एसडीएम अश्वनी कुमार पहुंचकर लोगों को समझाने-बुझाने में लगे हुए हैं.
रिपोर्ट: जितेंद्र चौधरी