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सुपौल में सीने पर कलश रखकर मंदिर में नौ दिन तक महिला ने माता की आराधना की. व्रत पूरी होने के बाद घर लौटते ही महिला बीमार पड़ गई, जिसके बाद इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान महिला की मौत हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यह मामला त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र वार्ड 4 का है.
बताया जा रहा है कि त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड चार निवासी वीरेंद्र यादव की 35 वर्षीय पत्नी सचिता देवी ने त्रिवेणीगंज बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक छाती पर कलश रखकर माता की आराधना की. मंगलवार देर रात व्रत पूर्ण होने के बाद सचिता देवी मंदिर परिसर से अपने घर लौट गई.
बताया गया कि आधी रात को सचिता देवी की तबीयत बिगड़ गई. सीने में दर्द की शिकायत के बाद उसके परिजन उसे अहले सुबह त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल में मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ. उमेश यादव ने सचिता देवी की मौत की संभावित वजह डिहाइड्रेशन और हृदय संबंधी समस्या की आशंका जाहिर की है. हालांकि, सचिता देवी की मौत का वास्तविक कारण क्या है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. नवरात्र का व्रत कर रही महिला के बीमार होने के बाद अचानक मौत से परिजनों में कोहराम मच गया.
सचिता देवी के पति वीरेंद्र यादव ने कहा कि वह नवरात्र के पहले दिन से ही दुर्गा मंदिर परिसर में सीने पर कलश रखकर माता की पूजा कर रही थीं. उन्होंने आगे बताया कि जब 9 दिनों की माता की आराधाना समाप्त हो गई, तो वह मंगलवार को घर लौटी. इसी रात में सचिता बीमार हो गई. हालांकि, उसे थोड़ी देर में आराम मिल गया, लेकिन बुधवार सुबह यानी आज फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई. वीरेंद्र यादव ने कहा कि जब हम उसे हॉस्पिटल लेकर गए, तो डॉक्टरों ने सचिता को डेड घोषित कर दिया.
रिपोर्ट: सुभाष चंद्रा