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विक्रमशिला सेतु आज रात से बंद, 3 महीने चलेगा मरम्मत का काम, जहाजों के सहारे होगा आवागमन

Vikramshila Setu: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर आज रात 12 बजे से आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी. BRO की टीम बेली ब्रिज हटाने के बाद सेतु के चार क्षतिग्रस्त स्पैन पर ट्रस ब्रिज लगाने का काम शुरू करेगी. इस दौरान यात्रियों के लिए गंगा में मुफ्त जहाज सेवा शुरू होगी.

Reported By Zee Bihar Network Edited By Rupak Kumar
Published: Sep 30, 2026, 12:03 PM IST | Updated: Sep 30, 2026, 12:10 PM IST
Image Credit: विक्रमशिला सेतु आज रात से बंद, 3 महीने चलेगा मरम्मत का काम (zee media)
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Vikramshila Setu: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर आज (30 सितंबर) रात के 12 बजे से आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी. विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए अब बड़ा ऑपरेशन शुरू होने जा रहा है. ट्रस ब्रिज के निर्माण के साथ इस सेतु को ठीक किया जाएगा, जबकि इस दौरान गंगा नदी में बड़े-बडे़ जहाज लोगों के सफर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी. विक्रमशिला सेतु से बेली ब्रिज को हटाकर सेतु के चार क्षतिग्रस्त स्पैन पर ट्रस ब्रिज लगाया जाएगा. आज रात 12 बजे से BRO (Border Roads Organisation) की टीम बेली ब्रिज को खोलने का कार्य शुरू कर देगी. इस बीच आने जाने के लिए जलमार्ग को तैयार किया जा रहा है.

यात्रियों के लिए मुफ्त जहाज
भागलपुर के बियाडा घाट से यात्रियों के लिए जहाज चलेंगे, जबकि बाबूपुर घाट से कार्गो जहाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी. यात्रियों के लिए जहाज का सफर के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, जबकि दोपहिया वाहनों के परिवहन के लिए शुल्क लिया जाएगा. जहाजों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी और गंगा नदी में 24 घंटे पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी रहेगी. घाटों के दोनों तरफ सहायक थाने बनाए जाएंगे और यात्रियों के लिए जीविका दीदी की रसोई भी शुरू की जाएगी.सेतु बंद होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यह है कि गंगा नदी अभी भी उफान पर है और बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी हुई है. ऐसे में सड़क मार्ग के साथ-साथ जलमार्ग से आवागमन को सुचारु बनाए रखना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी.

उफनती गंगा के बीच आवागमन बड़ी चुनौती
विक्रमशिला सेतु बंद होने का असर भागलपुर से नवगछिया, कटिहार और पूर्णिया की ओर आने-जाने वाले लोगों के साथ कारोबार और खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है. पर्व-त्योहार के इस दौर में माल ढुलाई और किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन सकता है.

तय समय पर बनकर तैयार हो पाएगा या नहीं
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब तीन महीने तक चलने वाले इस काम के दौरान लोगों की मुश्किलें कितनी बढ़ेंगी और क्या 98 करोड़ की लागत से तैयार हो रही ट्रस ब्रिज तय की गई समय पर बनकर तैयार हो पाएगा या नहीं. इस बात पर भी लोगों की नजर है कि आखिर विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही आखिर कब से शुरू हो सकेगा.

रिपोर्ट: अश्वनी कुमार

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