खाकी-माफिया गठजोड़: वैशाली में PSI का ऑडियो वायरल होने से बड़ा खुलासा, ऐसे कैसे खत्म होगा अपराध?
वायरल ऑडियो में PSI दीनबंधु ने पुलिस विभाग के अंदर फैले भ्रष्टाचार को उजागर किया है. ऑडियो में PSI खुद बता रहे हैं कि कैसे पैसा लेकर शराब और मादक पदार्थ का कारोबार करवाया जाता है और पुलिस कैसे कुछ हजार रुपयों के लिए अपराधियों को भगाने का काम भी करती है? हालांकि, ज़ी मीडिया इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है.
वैशाली में पुलिस और माफियाओं के बीच गठजोड़ कितना गहरा है, इसकी बानगी एक सप्ताह पहले ही देखने को मिली थी जब पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर महनार थानाध्यक्ष सहित 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था. लेकिन महनार की घटना तो सिर्फ ट्रेलर थी, असली फिल्म अब महुआ थाने से सामने आई है. दरअसल, महुआ थाने में पदस्थापित PSI दीनबंधु कुमार का एक कथित वायरल ऑडियो सामने आया है, जिसमें वो खुलेआम फोन पर पुलिस-माफिया गठजोड़ का खुलासा कर रहे हैं.
वायरल ऑडियो से उजागर हुआ भ्रष्टाचार
इस ऑडियो में PSI साहब खुद बता रहे हैं कि महकमे में नीचे से ऊपर तक भ्रष्टाचार कैसे फैला है? कैसे पैसा लेकर शराब और मादक पदार्थ का कारोबार करवाया जाता है और पुलिस कैसे कुछ हजार रुपयों के लिए अपराधियों को भगाने का काम भी करती है? ऑडियो में साफ सुना जा सकता है कि किस पदाधिकारी का कितना शेयर है और कहां-कहां से पैसा आता है? इस ऑडियो के सामने आने के बाद महुआ का वो मामला और भी गंभीर हो गया है, जो 29 सितंबर को सामने आया था. हालांकि, ज़ी मीडिया इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है.
SDPO महुआ पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
महुआ के ही रहने वाले प्रिंस कुमार (हीरो फिनकॉर्प में कलेक्शन एजेंट है) ने SDPO महुआ को आवेदन देकर इसी PSI दीनबंधु कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे. प्रिंस का आरोप था कि 27 सितंबर शाम 4 बजे बिना नंबर की बाइक रोकने पर चौकीदार के बेटे गौरव ने अपर थानाध्यक्ष सोनू गुप्ता और PSI दीनबंधु को बुला लिया, दोनों ने मारपीट की, कंपनी का ID तोड़ लिया, थाने लाकर 6 घंटे बैठाए रखा और 25 हजार मांगे.
प्रिंस ने सबूत भी पेश किए थे
प्रिंस का आरोप है कि 20 हजार रुपये लेकर PR बॉन्ड पर उसे छोड़ दिया गया था. प्रिंस ने सबूत के तौर पर कॉल रिकॉर्डिंग का पेन ड्राइव भी सौंपा है. अब उसी दरोगा का नया ऑडियो वायरल होने से सवाल उठ रहा है कि क्या वैशाली में बढ़ते अपराध के पीछे यही खाकी-माफिया सांठ-गांठ है.
पुलिस विभाग की कार्रवाई का इंतजार
हम ये नहीं कहते कि सारे पुलिस वाले एक जैसे हैं, लेकिन महनार और महुआ की घटना ने पुलिस की साख, इकबाल और कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. लिहाजा, देखना दिलचस्प होगा कि इस वायरल ऑडियो और लिखित शिकायत के बाद पुलिस मुख्यालय दागी PSI पर क्या कार्रवाई करता है?
रिपोर्ट- राजकुमार