वैशाली नाव हादसा: जब लगे मुर्दाबाद के नारे, तो फफककर रो पड़ीं डीएम वर्षा सिंह, मीसा भारती बोलीं- 'तेजस्वी सीएम होते तो आज...'
वैशाली के राघोपुर में नाव हादसा होने के बाद पहुंचीं डीएम वर्षा सिंह का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है. इस दौरान डीएम वर्षा सिंह मृतक के परिजनों से गले लिपटकर खुद भी रोने लगी. वहीं, राजद सांसद मीसा भारती बिहार सरकार और जिले की डीएम पर निशाना साधा.
वैशाली के राघोपुर में नाव हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है. 7 लोगों की हालत गंभीर है और पटना के अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है. घटना वाले इलाके में जिले की कलेक्टर पहुंचीं, तो ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए. ग्रामीणों ने खदेड़ा और हंगामा किया. ध्यान दीजिएगा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के चुनावी क्षेत्र राघोपुर में यह बड़ी नाव दुर्घटना हुई है. वहीं, राजद सांसद और तेजस्वी यादव की बड़ी बहन मीसा भारती घटना वाले गांव में पहुंचीं. उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की.
मृतक के परिजनों से लिपटकर रोने लगी डीएम वर्षा सिंह
इस बीच घटना की खबर मिलते ही वैशाली जिले की डीएम वर्षा सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर पहुंची थीं, जहां 13 लोगों की डेड बॉडी रखी गई है. परिजन डेड बॉडी के साथ फूट-फूट कर रो रहे हैं. जब जिले की कलेक्टर वहां पहुंचीं, तो परिजन जिलाधिकारी वर्षा सिंह से लिपटकर रोने लगे और पूरी आपबीती बताई. हालांकि, घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया. ग्रामीणों ने वैशाली डीएम वर्षा सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, मुर्दाबाद के नारे लगाए और नारेबाजी करते हुए जिला अधिकारी को गांव से बाहर तक खदेड़ दिया.
राजद सांसद मीसा भारती का राघोपुर दौरा
राजद सांसद मीसा भारती राघोपुर पहुंचीं. 13 बच्चों की नाव दुर्घटना में मौत के बाद उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जिला प्रशासन और जिलाधिकारी को आड़े हाथों लिया. मीसा भारती ने कहा कि जिलाधिकारी का बयान असंवेदनशील है और सरकार की ओर से कोई नाव मुहैया नहीं कराई गई थी. आने-जाने में सुविधा के लिए बाढ़ के समय सरकार को ध्यान देना चाहिए था. जिलाधिकारी पीड़ित परिवार के ऊपर ही मुकदमा दायर करने की बात कर रही हैं.
'राज्य सरकार ने बिहार में आए बाढ़ को गंभीरता से नहीं लिया'
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में कोई व्यवस्था नहीं थी, यह अंधेर नगरी चौपट राजा जैसी स्थिति है. जिसे वोट दिया, उसी की पीठ में खंजर भोंककर सम्राट मुख्यमंत्री बने हैं. राज्य सरकार ने बिहार में आए बाढ़ को गंभीरता से नहीं लिया. सभी ने असम की सहायता की, लेकिन बिहार की सहायता नहीं की गई, जिसके लिए बिहार सरकार दोषी है. चुनाव में बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता.
'मुख्यमंत्री भी यहां किसी को देखने नहीं आए'
तेजस्वी यादव की बड़ी बहन मीसा भारती ने कहा कि बाढ़ से निजात पाने का दावा किया गया था, पर कुछ नहीं किया गया. मुख्यमंत्री भी यहां किसी को देखने नहीं आए. उन्होंने कहा कि अगर वोट चोरी नहीं होता, तो तेजस्वी मुख्यमंत्री होते और नौकरियां बांट रहे होते. पिछले बाईस वर्षों से एनडीए की सरकार है, लेकिन एक भी फैक्ट्री नहीं लगी. लालू प्रसाद जब रेल मंत्री थे, तब उन्होंने तीन-तीन रेल फैक्ट्रियां खुलवाई थी.
यह दर्दनाक घटना राघोपुर के रामपुर गांव में हुई
बता दें कि यह दर्दनाक घटना राघोपुर के रामपुर गांव में हुई, जहां श्राद्ध का भोज खाने के लिए एक नाव पर सवार होकर लगभग 30 की संख्या में लोग पास के ही गांव जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही नाव पलट गई और लोग पानी के बीच समा गए. इस दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हुई है, 7 लोग इलाजरत हैं और कई लोग लापता हैं. हादसे का शिकार हुए सभी लोग 15 वर्ष से कम उम्र के थे और इनमें 5वीं से लेकर 9वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं शामिल हैं.
घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. लोगों का आरोप है कि बाढ़ को देखते हुए सरकारी नाव उपलब्ध कराई गई थी और उसी नाव का उपयोग मृत्यु भोज में जाने के लिए किया गया था, जिसके बाद यह दुर्घटना हुई. स्थानीय अंचलाधिकारी के प्रति भी लोगों में काफी नाराजगी देखी गई है. इलाके में मातम का माहौल है और लोग अपना दुख-दर्द बयां कर रहे हैं.
रिपोर्ट : राजकुमार सिंह