'बिहारियों को कुछ आता-जाता नहीं', यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस प्रभारी का दिव्य ज्ञान आया सामने
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने बिहार के लोगों को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बिहारी बेचारों को कुछ आता-जाता नहीं है. कांग्रेस नेता ने यह बयान नितिन नवीन के एक बयान पर रिएक्शन के दौरान दिया.
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने 7 नवंबर शनिवार को एक बहुत बड़ा विवादित बयान दिया है. यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान विदेशी फंडिंग पर चलाया जा रहा राजीव गांधी फाउंडेशन, इसपर रिएक्शन दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहारी बेचारों को कुछ आता-जाता नहीं है, तो जो इनको लिख कर स्क्रिप्ट दे देते हैं, पढ़ देते हैं. इनके बस की कुछ है नहीं, यह चढ़ावा चोर लोग हैं.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि इन्होंने लोगों की आस्था की हत्या की है. राम के नाम पर सत्ता तक पहुंचे, राम के चढ़ावे को चोरी कर लिया तो फिर यह किसके सगे हैं. इनको हम गंभीरता से नहीं लेते हैं.
कौन हैं राजेंद्र पाल गौतम, जानिए
राजेंद्र पाल गौतम कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी हैं. राजेंद्र पाल गौतम का जन्म दिल्ली में हुआ है. उनके पास दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की डिग्री है और वह पेशे से वकील हैं. वह एक आंबेडकरवादी और बौद्ध एक्टिविस्ट हैं.
हालांकि, इससे पहले राजेंद्र पाल गौतम साल 2014 में वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे. दिल्ली की छठी विधानसभा में विधायक के रूप में गौतम का यह पहला कार्यकाल था. उन्होंने साल 2015 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के करमवीर को 48,821 वोटों के अंतर से हराया था. वह साल 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में दोबारा चुने गए.
राजेंद्र पाल गौतम 14 फरवरी 2015 से 8 अक्टूबर 2022 तक तीसरे केजरीवाल मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे. उन्होंने दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों का प्रभार संभाला था. फिलहाल, वह उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
पहले भी विवादों में रहे हैं राजेंद्र पाल गौतम
राजेंद्र पाल गौतम इससे पहले भी विवादों में रहे हैं. 11 मई, 2020 उन्होंने सेना के एक जवान का वीडियो ट्वीट किया था, जिसमें एक जवान फोर्स में जातिगत भेदभाव की शिकायत कर रहा था, इंडियन आर्मी ने कहा कि वह ऐसे वीडियो पोस्ट करने की कड़ी निंदा करती है, जिन्हें दुश्मन एजेंटों ने बनाकर फिर से फैलाया है. तब इंडियन आर्मी ने इस मामले पर ध्यान दिया और कहा कि वीडियो 2017 में बनाया गया था, जिसे दुश्मन के एजेंटों ने क्यूरेट किया और फिर से अपलोड किया था. इसके बाद राजेंद्र पाल गौतम ने ट्वीट डिलीट कर दिया था.
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