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Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में मां दुर्गा की भक्ति का एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. यहां 35 वर्षीय मधुमाला देवी ने नुकीली कीलों से बनी सेज पर लेटकर कठिन तपस्या कर रही हैं. उनके सीने पर कलश स्थापित है और बगल में त्रिशूल रखा है. दावा है कि वह नवरात्र के प्रथम दिन से बिना अन्न-जल ग्रहण किए मां दुर्गा की आराधना में लीन हैं. उनकी इस अनोखी तपस्या को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुट रही है.
2516 कीलों से तैयार की गई सेज
समस्तीपुर जिले के रोसड़ा शहर के महादेवमठ वार्ड संख्या-12 स्थित चौरसिया टोला में इन दिनों मधुमाला देवी की तपस्या चर्चा का विषय बनी हुई है. उन्होंने अपने घर में बने मंदिर के सामने कीलों से तैयार विशेष सेज पर लेटकर मां दुर्गा की आराधना का संकल्प लिया है. इस दौरान उनके सीने पर कलश रखा गया है, जबकि बगल में त्रिशूल स्थापित है. मधुमाला देवी की तपस्या के लिए लकड़ी का एक विशेष बेड तैयार कराया गया है. जमीन से करीब 15 इंच ऊंचे इस बेड की लंबाई 6 फीट और चौड़ाई साढ़े 3 फीट है. इस पर 5 इंच लंबी कुल 2516 कीलें ठोकी गई हैं. बताया जाता है कि इन कीलों का कुल वजन करीब 32 किलोग्राम है. कीलों से भरी सेज पर केवल एक पतली चादर बिछाई गई है, जिस पर मधुमाला देवी लेटी हुई हैं.
स्वप्न में मां दुर्गा के दर्शन का दावा
मधुमाला देवी के पति रंजीत चौरसिया ने बताया की उनकी पत्नी की मां दुर्गा के प्रति गहरी आस्था है. करीब दो वर्ष पहले मधुमाला देवी को स्वप्न में मां दुर्गा के दर्शन होने की बात कही जाती है. इसके बाद उन्होंने पिछले वर्ष नवरात्र में विधि-विधान से कलश स्थापित कर पूजा-अर्चना की थी. परिजनों के अनुसार, पिछले साल नवमी के दिन उनकी मनोकामना पूरी हुई. इसी दिन उनके घर में धरती से मां दुर्गा की प्रतिमा प्रकट होने का दावा किया गया. इसके बाद परिवार ने प्रतिमा के लिए घर में ही मंदिर का निर्माण कराया. अब मधुमाला देवी उसी मंदिर के सामने कीलों की सेज पर लेटकर तपस्या कर रही हैं.
16 साल पहले हुई थी शादी
मधुमाला देवी की शादी करीब 16 वर्ष पहले रंजीत चौरसिया से हुई थी. उनके एक 14 वर्षीय पुत्र और 12 वर्षीय पुत्री हैं. रंजीत चौरसिया कपड़े की दुकान चलाते हैं. पति के अनुसार, उनकी पत्नी घर आने के बाद से ही पूजा-पाठ में विशेष रुचि रखती हैं. इस नवरात्र में मधुमाला देवी की तपस्या के दौरान उनके पति भी व्रती बने हुए हैं. पंडित द्वारा विधि-विधान से पूजा कराई जा रही है. कीलों की सेज पर लेटी महिला श्रद्धालु को देखने और मंदिर में दर्शन करने के लिए आसपास के लोग पहुंच रहे हैं. इस अनोखी तपस्या को लेकर मोहल्ले में भी चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, बिना अन्न-जल के रहने और कीलों पर तपस्या करने से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
रिपोर्ट: मंटुन कुमार रॉय