असम में पाकिस्तानी एजेंट के आरोप में गिरफ्तार हुए मोतिहारी के अभिषेक कुमार सिंह का पूरा पता जानने को लेकर लोग 5 अक्टूबर, 2026 दिन सोमवार से उत्सुक थे. इसी बीच मोतिहारी में पाकिस्तान कनेक्शन का एक और ऐसा मामला सामने आया है, जिसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. 6 अक्टूबर, 2026 दिन मंगलवार को मोतिहारी शहर के रघुनाथपुर में एक ऐसा वाकया हुआ जिससे स्थानीय लोगों से लेकर पुलिस तक के होश उड़ गए हैं.
दरअसल, मंगलवार को रघुनाथपुर में दो संदिग्ध युवक चादर बेच रहे थे. ये दोनों महंगी चादरों को काफी सस्ते दामों पर बेच रहे थे. कीमत सुनकर कई लोगों ने चादरें खरीद ली, लेकिन इसी दौरान युवकों की गतिविधियां थोड़ी संदिग्ध लगी. दोनों युवक मोतिहारी के नहीं लग रहे थे. चादर का पैसा जिस फोनपे (PhonePe) पर वे ले रहे थे, उस पर एक युवक को संदेह हुआ. जब चादर को बारीकी से देखा गया, तो उस पर मेड इन पाकिस्तान (Made in Pakistan) लिखा हुआ था, जबकि अन्य चादरों पर मेड इन पाकिस्तान लिखावट को मिटाया गया था.

मेड इन पाकिस्तान लिखा देखकर मोहल्ले के लोगों को शक हुआ. लोगों ने पुलिस को फोन किया, तो पुलिस ने दोनों संदिग्धों को पकड़कर रखने को कहा. मगर, इसी बीच दोनों संदिग्ध युवक मंडराते खतरे को भांपकर मौके से अचानक गायब हो गए, मानो उन्हें इलाके की हर गली-मोहल्ले की पहले से जानकारी हो.

कौतूहल, जिसे हर कोई करना चाहता है दूर
अब लोग सवाल पूछ रहे हैं कि मेड इन पाकिस्तान की चादरें मोतिहारी में क्यों बेची जा रही थी? महंगी चादरें महज एक से दो सौ रुपये में क्यों बेची जा रही थी? और चादर बेचने वाले दोनों युवक अचानक कहां और क्यों गायब हो गए?
बता दें कि सोमवार को असम में आर्मी इंटेलिजेंस के इनपुट पर गिरफ्तार अभिषेक कुमार सिंह पिता सुरेंद्र प्रसाद सिंह मोतिहारी के राजेपुर थाना क्षेत्र के सेमरहां गांव का रहने वाला है. वहीं, अब मोतिहारी में मेड इन पाकिस्तान की चादरें आने के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.
रिपोर्ट: पंकज कुमार