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अररिया जिला के नरपतगंज इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खैरा गढ़िया गांव में छापेमारी करने पहुंची एसटीएफ की टीम पर स्मैक तस्करों और उनके समर्थकों ने हमला बोल दिया. आरोप है कि स्थानीय तस्करों के इशारे पर भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए. उपद्रवियों ने एसटीएफ की गाड़ी को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए हवा में गोलियां चलानी पड़ीं. इसके बाद अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया.
मुखिया पति पर भीड़ जुटाने का आरोप
फारबिसगंज के एसडीपीओ के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खैरा गढ़िया के पास कुछ संदिग्ध तस्कर मौजूद हैं. इसी सूचना पर एसटीएफ की टीम वहां पहुंची थी. एसडीपीओ का कहना है कि खैरा गढ़िया पंचायत के मुखिया पति फारुख ने कथित तौर पर तस्करों के साथ मिलकर लोगों को उकसाया और पुलिस टीम पर हमला करवाया. हालांकि, इस मामले में अभी दूसरे पक्ष की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है. पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है कि इस बवाल के पीछे और कौन-कौन शामिल था.
2 आरोपी गिरफ्तार, गांजा-स्मैक तस्करी का शक
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को दबोच लिया है. सभी आरोपी नरपतगंज थाना क्षेत्र के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं. शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि ये लोग इलाके में स्मैक, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बड़े पैमाने पर अवैध तस्करी में संलिप्त थे.
एसडीपीओ का सख्त संदेश
एसडीपीओ ने दोटूक शब्दों में कहा है कि पुलिस टीम पर हमला करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाकी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जा सके.
रिपोर्ट: कुमार नितेश