)
समस्तीपुर पुलिस ने दो महीने में रघुवीर सहनी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है. इस हत्याकांड में पुलिस ने मृतक के बेटे शिव शंकर सहनी को ही गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, बेटे ने ही अपने पिता की हत्या की थी और इसके लिए उसने बॉलीवुड फिल्म 'दृश्यम' देखकर आइडिया लिया था. बता दें कि हलई थाना क्षेत्र के दरवा गांव में बीती 26 जुलाई की देर रात को घर के बाहर सो रहे रघुवीर सहनी की बड़ी निर्ममता से हत्या कर दी गई थी. पुलिस के मुताबिक रघुवीर की हत्या उसके ही बेटे शिव शंकर सहनी ने की थी. पुलिस ने आरोपी को सूरत से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पूछताछ में पुलिस के अनुसार, शिव शंकर ने हत्या की योजना एक पुरानी अजय देवगन की फिल्म से प्रेरित होकर बनाई थी. फिल्म में पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल फोन को दूसरी जगह भेजने का तरीका दिखाया गया था. इसी तर्ज पर आरोपी ने अपना मोबाइल सूरत से निकलने से पहले बंद कर दिया, ताकि पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन सूरत में मिले. लेकिन हत्या के बाद पत्नी से फोन पर बात करना उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई.
रातों-रात भाग गया था सूरत
इसी कॉल के जरिए पुलिस को उसके मूवमेंट पर शक हुआ और जांच आगे बढ़ी. पुलिस के अनुसार, शिव शंकर सूरत से ट्रेन के जरिए पटना पहुंचा. वहां से हाजीपुर और फिर पटोरी स्टेशन गया. रात करीब 8 बजे पटोरी उतरने के बाद वह टोटो से जोरपुरा चौक पहुंचा. इसके बाद करीब 4 किलोमीटर खेत के रास्ते पैदल चलकर अपने घर पहुंचा. रात करीब 12 बजे घर के सामने का दरवाजा बंद मिला. इसके बाद वह पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुआ. पुलिस के मुताबिक, घर की एक कोठरी में उसे कुल्हाड़ी मिली. वह कुल्हाड़ी लेकर दरवाजे पर पहुंचा, जहां उसके पिता सो रहे थे. आरोप है कि शिव शंकर ने सो रहे रघुवीर सहनी के सिर पर कुल्हाड़ी से चार वार किए. हत्या के बाद उसने कुल्हाड़ी वहीं फेंक दी और उसी रास्ते से वापस निकल गया. इसके बाद वह लगुनिया स्टेशन पहुंचा और वहां से पटोरी होते हुए पटना गया. पटना पहुंचने के बाद वह पुणे-पटना एक्सप्रेस से वापस सूरत चला गया.
फोन ऑन करने से फंस गया
शिव शंकर ने सूरत से निकलने से पहले अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था. उसका मकसद पुलिस को उसकी लोकेशन से गुमराह करना था. हत्या के बाद भी मोबाइल बंद रहा, लेकिन सूरत लौटते समय उसने मोबाइल चालू किया और पत्नी से बातचीत की. इसी दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला. पुलिस ने जब कॉल डिटेल और टावर लोकेशन की जांच की तो 26 जुलाई की रात पत्नी से बातचीत का रिकॉर्ड मिला. इस दौरान मोबाइल की लोकेशन पटोरी में मिली थी. इसके बाद फोन बंद हो गया. करीब 36 घंटे बाद मोबाइल दोबारा ऑन हुआ तो उसकी लोकेशन सूरत मिली. रघुवीर सहनी की हत्या के बाद शिव शंकर लगातार कई दिनों तक परिवार से दूर रहा. पिता की मौत के बावजूद उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने पर गांव और परिवार में चर्चा शुरू हो गई.
मां के शव पर पुलिस ने की जांच
शिव शंकर की मां ने भी उस पर हत्या का शक जताया था. जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे शक शिव शंकर पर गहराता गया. इसके बाद पुलिस की एक टीम सूरत पहुंची और शिव शंकर को गिरफ्तार कर समस्तीपुर ले आई. पटोरी के डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि पूछताछ में शिव शंकर ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और वारदात से जुड़ी जानकारी दी. आरोपी ने बताया कि उसका अपने पिता और पत्नी से अक्सर विवाद होता था. इसी विवाद से परेशान होकर उसने पिता की हत्या की योजना बनाई. पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि वह कुछ जमीन बेचना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहा था. 26 जुलाई की रात रघुवीर सहनी घर के दरवाजे पर सो रहे थे. इसी दौरान उनकी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी. कुल्हाड़ी घर में ही रखी थी. आरोपी के बयान, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच की.
रिपोर्ट- मंटून राय