प्रशांत किशोर की जुबान फिसली: बाढ़ में अपने प्रत्याशी की जगह अनंत सिंह को बता दिया कैंडिडेट, फिर...
Bihar MLC Election 2026: बाढ़ पहुंचे जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने अनुज सिंह की जगह अनंत सिंह को अपना कैंडिडेट बता दिया. यहां तक की माला पहनाने का भी ऐलान कर दिया. फिर बाद में उन्होंने अपनी गलती सुधारी.
जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर बीते दिन (16 अक्तूबर, 2026) अपने प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में बाढ़ पहुंचे. इस दौरान स्नातक चुनाव के उम्मीदवार अनुज सिंह और पटना शिक्षक की उम्मीदवार दिव्य ज्योति भी मौजूद रहीं. मोकामा विधायक अनंत सिंह का इतना चुनाव प्रचार पर इतना असर रहा कि प्रशांत किशोर की जुबान भी लड़खड़ा गई. उन्होंने जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह की जगह मंच से अनंत सिंह को अपना कैंडिडेट बता दिया और उन्हें विजय की माला पहनाने की घोषणा कर दी. बाद में मंच से लोगों के बताने पर उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ.
'जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है'
इस दौरान स्नातक प्रत्याशी डॉ अनुज ने कहा कि हमें अनंत सिंह जैसे दूसरे दल के कई नेताओं का साथ मिल रहा है. अनंत सिंह और प्रशांत जी अलग-अलग पार्टी होने के कारण एक साथ मंच शेयर करने से परहेज करते होंगे. वहीं, दिव्य ज्योति ने कहा कि जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है. कार्यक्रम के दौरान आम लोगों ने भी कई सवाल किए, जिनका प्रशांत ने मंच से जवाब दिया. प्रशांत किशोर के आगमन को लेकर समर्थकों में काफी उत्साह देखने को मिला.
जमुई पहुंचे PK ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
वहीं, प्रशांत किशोर जमुई जिले में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार रजनीश कुमार के पक्ष में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए पहुंचे. इस दौरान उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने स्नातक एमएलसी चुनाव में मतदान की तारीख और चुनावी प्रक्रिया को लेकर आयोग पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया. प्रशांत किशोर ने कहा कि स्नातक निर्वाचन में शिक्षक मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन इस वर्ग को ध्यान में रखकर निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने के बजाय आयोग की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं.
'शुक्रवार को मतदान होने से हो सकती है परेशानी'
दरअसल, प्रशांत किशोर ने मतदान के लिए शुक्रवार का दिन निर्धारित किए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि स्नातक एमएलसी चुनाव में पहले रविवार को मतदान होता था, लेकिन अब शुक्रवार को मतदान कराया जा रहा है. उनका आरोप है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज होने के कारण मुस्लिम शिक्षक मतदाताओं को मतदान करने में परेशानी हो सकती है. उन्होंने इस फैसले को लेकर निर्वाचन आयोग की मंशा पर सवाल उठाए और इसे हिंदू-मुस्लिम के संदर्भ में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया.
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28 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाने का मुद्दा भी उठाया
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में 28 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर केवल एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बात सिर्फ ज्ञानेश कुमार की नहीं है. उन्हें नहीं पता कि ज्ञानेश कुमार की भूमिका क्या है, लेकिन जिस तरह से निर्वाचन आयोग की ओर से लगातार एकतरफा कार्रवाई किए जाने का आरोप सामने आ रहा है, उससे सवाल उठना लाजमी है.
बाढ़ से चंदन राय और जमुई से अभिषेक निरला की रिपोर्ट