'नीतीश कहें कि नीरज ने अच्छा काम किया, हम वापस ले लेंगे प्रत्याशी': प्रशांत किशोर का बड़ा दांव, लेकिन रख दी ये शर्त
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के शिक्षकों और स्नातकों के हक में बड़ा बयान देते हुए एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मुकाबला एनडीए और जन सुराज के बीच है, जबकि महागठबंधन का इस लड़ाई में नहीं है.
बिहार एमएलसी चुनाव की तपिश बढ़ती जा रही है. इसी तपिश के बीच सियासी टेंपरेचर के बढ़ा देने वाला बयान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दिया है. उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार चुनाव से पहले आकर नीरज कुमार के पक्ष में यह बयान मीडिया के सामने दे दे कि नीरज कुमार जी ने बहुत अच्छा काम किया है. इनको वोट दीजिए, तो हम अपना प्रत्याशी वापस ले लेंगे. उन्होंने आगे कहा कि नीरज कुमार झूठ बोल रहे हैं. नीतीश कुमार का समर्थन उनको नहीं है. यह झूठ बोल रहे हैं. जैसे बांकीपुर चुनाव में बीजेपी ने नीतीश कुमार का एआई वाला वीडियो जारी किया था. उसी तरह नीरज कुमार खुद काम किए नहीं है. चुनाव हारने वाले हैं, तो नीतीश कुमार का नाम बेचकर वोट लेने की कोशिश कर रहे हैं.
'एनडीए वर्सेस जन सुराज की है लड़ाई'
प्रशांत किशोर ने ये बयान एक यूट्यूब चैनल पर दिया है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के लोग साथ में आए या टूट जाए, उससे कोई फर्क नहीं है. लड़ाई एनडीए वर्सेस जन सुराज की है. लड़ाई अनुज सिंह वर्सेस नीरज कुमार है. लड़ाई दिव्या गौतम और नवल किशोर यादव में है. वहीं, उन्होंने सातवां वेतन पर भी बयान दिया. प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले सातवां वेतन मान दिलवाएंगे. अगर नहीं दिलवा पाएंगे तो लोकसभा में वोट नहीं मांगेंगे.
घेराव और आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने कहा कि इसके लिए चाहे पटना के गर्दनीबाग या गांधी मैदान में बैठना पड़े, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के घर का घेराव कर अनशन करना पड़े, जन सुराज पीछे नहीं हटेगा. स्नातक क्षेत्र के मतदाताओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अगर जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह जीतते हैं, तो पटना स्नातक क्षेत्र के कम से कम 10,000 पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने की गारंटी जन सुराज लेगा.
पीके ने पढ़ाया 7वें वेतनमान और वित्त रहित शिक्षकों का गणित!
बांकीपुर से जन सुराज के विधायक प्रशांत किशोर कहा कि शिक्षकों को 7वां वेतनमान देने के लिए सरकार को सालाना 6,000 करोड़ रुपए और वित्त-रहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए करीब 3,000 करोड़ के अतिरिक्त बजट की जरूरत है. यह तभी संभव होगा जब शिक्षक एकजुट होकर सरकार की कुर्सी पर राजनीतिक दबाव बनाएंगे.
10,000 शिक्षित युवाओं को रोजगार का भरोसा
उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार आपके बच्चों के लिए रोजगार दे ना दे, लेकिन कम से कम 10,000 परिवार के बांकीपुर के 10,000 परिवार के पढ़े लिखे बेरोजगार लोगों को रोजगार दिलाने का जिम्मा ठेका प्रशांत किशोर का है. अगर स्नातक से यहां अगर अनुज भाई जीत कर आते हैं, तो पटना स्नातक क्षेत्र से जितने भी शिक्षित बेरोजगार हैं उनको वही सुविधा मिलेगी, जो बांकीपुर में बेरोजगारों को हमने दी है.