25 सितंबर से 10 अक्तूबर तक लगेगा पितृपक्ष मेला: 2,500 बेड की टेंट सिटी से लेकर महाआरती तक होगा खास इंतजाम
Pitru Paksha Mela 2026: गयाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले को लेकर पर्यटन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. श्रद्धालुओं के लिए 2,500 बेड की टेंट सिटी, पर्यटक सूचना केंद्र, हेल्पलाइन, ई-रिक्शा, प्रशिक्षित गाइड और फल्गु तट पर महाआरती की व्यवस्था की जा रही है.
Pitru Paksha Mela 2026: गयाजी में पितृपक्ष मेला महासंगम को लेकर पर्यटन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इस साल पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा. बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के गयाजी पहुंचने की उम्मीद है. इसे देखते हुए आवास, परिवहन, सूचना और धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बेहतर करने की तैयारी की जा रही है. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से 2,500 बेड की टेंट सिटी तैयार की जा रही है.
एक ही जगह मिलेगी मेले से जुड़ी जानकारी
पितृपक्ष मेले के दौरान गयाजी में अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र बनाया जाएगा. यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रहने, धार्मिक स्थलों, परिवहन और दर्शन से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही जगह मिलेगी. इसके साथ ही विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी होने पर आसानी से मदद मिल सके.
फल्गु तट पर होगी महाआरती, ई-रिक्शा से आसान होगी आवाजाही
फल्गु नदी के तट पर पितृपक्ष मेले के दौरान महाआरती का आयोजन किया जाएगा. श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए जरूरत के अनुसार ई-रिक्शा की सुविधा भी दी जाएगी. सूचना केंद्र के अलावा प्रशिक्षित गाइडों की भी तैनाती होगी. प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर तोरण द्वार, सूचना पट्ट और मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पहली बार गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ता खोजने में परेशानी न हो.
ब्रॉशर से मिलेगी पितृपक्ष की पूरी जानकारी
मेले से जुड़ी जरूरी जानकारी श्रद्धालुओं तक आसानी से पहुंचाने के लिए सूचनात्मक ब्रॉशर भी तैयार किया जा रहा है. इसमें पिंडदान, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों और जरूरी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से श्रद्धालुओं के लिए यात्रा पैकेज और ई-पिंडदान की सुविधा शुरू करने की भी तैयारी है.
सोशल मीडिया के जरिये देश-दुनिया तक पहुंचेगा
पितृपक्ष मेले के प्रचार-प्रसार के लिए इस बार पहली बार 'पितृपक्ष मेला: एक इन्फ्लूएंसर की नजर से' प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है. इसके जरिए सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर गयाजी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे. वहीं, श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना को विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर और गुरपा पहाड़ी से जोड़ा गया है. पात्र लोगों को इस योजना के तहत 11 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी.
1000 बेड की क्षमता वाली बनेगी आधुनिक धर्मशाला
इसके अलावा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए 1,000 बेड की क्षमता वाली आधुनिक गयाजी धर्मशाला बनाने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है. इससे पितृपक्ष मेले के साथ-साथ पूरे साल गयाजी आने वाले लोगों को बेहतर आवास की सुविधा मिल सकेगी. पर्यटन विभाग के अनुसार, पितृपक्ष मेला राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने के लिए सरकार पूरी तैयारी कर रही है.