'जनता ने कुशासन और सुशासन का फर्क देखा है. जनता ने जंगलराज और अमृतकाल का डिफरेंस भी देखा है. जनता ये भी देख रही है कि क्या बेहतरी हुई है, जिस प्रकार से लॉ एंड ऑर्डर की बात हो, जो वादे पूरे किए, उसकी बात हो. सम्राट जी के नेतृत्व में हमने जो भी वादे किए हैं, समयबद्ध तरीके से पूरा करने का पूरा प्रयास करते रहेंगे.' बिहार भाजपा के नवनियुक्त सह प्रभारी रोहन गुप्ता ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कहीं. प्रभारी महासचिव हरीश द्विवेदी के न आने के बारे में रोहन गुप्ता ने कहा कि उनकी माता जी का निधन हो गया है. इसलिए वे नहीं आए. अगली बार वो भी आएंगे.
रोहन गुप्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव में करीब 6 महीने रहा और साथियों के साथ मिलकर काम किया. आज एक कार्यकर्ता होने के नाते मुझे इतना बड़ा दायित्व मिला है, इसके लिए मैं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने हमारे एजेंडे और वादे को अपना आशीर्वाद दिया. आज उस आशीर्वाद पर हमें कैसे खरा उतरना है, एक सह प्रभारी होने के नाते मेरा दायित्व रहेगा कि आप सभी के साथ मिलकर काम करूं.
बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए में बगावत को लेकर उन्होंने कहा कि हर चुनाव में जब जनता दरबार की बात आती है, तो क्यों भाजपा-एनडीए की ही जीत होती है, क्योंकि जनता जानती है कि हमारे लिए जनता से किए गए वादे हवा-हवाई नहीं हैं. यह वो चीज है, जिसे हम समयबद्ध तरीके से पूरा करते हैं. हमारी नीयत में कभी खोट नहीं होती. उन्होंने कहा कि बिहार ने बहुत मुश्किल से जंगलराज से मुक्ति पाई है. बिहार की जनता ने जब एनडीए पर इतना विश्वास जताया है तो हमें भी उस विश्वास पर खरा उतरना होगा. मुझे विश्वास है कि एमएलसी चुनाव में भारी बहुमत से हम जीतेंगे.
तेजस्वी यादव की बिहार में राक्षसराज वाली बात पर उन्होंने कहा कि वो अभी अतीत से बाहर नहीं निकल पा रहे. उन्होंने कहा कि हर राज्य में वो लोग चुनाव हार रहे हैं. एक दिन पहले ही गुजरात में हारे हैं. उन्होंने मान लिया है कि जनता के दरबार में वो जीत नहीं सकते. अब उनके पास बवाल मचाना ही एकमात्र विकल्प है. रोहन गुप्ता ने कहा कि बिहार में ही सबसे पहले वोट चोरी को लेकर आंदोलन किया गया था और विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी थी. जिस मुद्दे को जनता टच नहीं कर रही है, उसे लेकर वो लोग बवाल मचा रहे हैं. संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं. जब सबूत मांगा जाता है तो दे नहीं पाते हैं. क्या ऐसे राजनीति चल सकती है?
रोहन गुप्ता ने कहा कि जनता के आदेश का अपमान जनता कैसे बर्दाश्त कर सकती है. अगर आपने बिहार में मुंह की खाई है, तो उसका कारण था कि आपका ठगबंधन जनता का विश्वास नहीं जीत पाया. सभी दलों को यह समझना होगा कि जनादेश को दिल से समझ कर उससे सीख लें. गलतियों से सीखना चाहिए. अगर ठीकरा किसी और पर फोड़ते जाएंगे तो हम तो खुश हैं. विपक्ष आत्ममंथन नहीं करेगा और वोट चोरी की बात करेगा. हम तो जनता के दिल में बैठे हैं. जनता ने हमारा दिल चोरी किया और हमने जनता का दिल चोरी किया, ये रिश्ता अटूट बंधन है.
रिपोर्ट: सन्नी कुमार