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पटना PMCH यानी पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में स्थित ऐतिहासिक पुराने जनरल अस्पताल भवन (बांकीपुर जनरल अस्पताल) के प्रसिद्ध हथवा वार्ड को गिराने का काम शुरू कर दिया गया है. बीते दिन (7 सितंबर) से ही इसे गिराने का काम किया जा रहा है. ये इमारत करीब 120 साल से भी अधिक पुरानी है, जिसका दौरा महात्मा गांधी 1947 में कर चुके हैं. यह भवन 101 साल से भी पहले तत्कालीन बिहार और उड़ीसा के पहले मेडिकल कॉलेज के रूप में स्थापित किया गया था.
बनाई जा रही आधुनिक और ऊंची इमारतें
मिली जानकारी के अनुसार, गंगा किनारे स्थित इस विशाल परिसर को गिराकर आधुनिक और ऊंची इमारतें बनाई जा रही हैं. इस संस्थान की स्थापना 1925 में मूल रूप से ‘प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज’ के नाम से की गईथी. इसका नाम तत्कालीन प्रिंस ऑफ वेल्स (बाद में महाराजा एडवर्ड अष्टम) ने दिसंबर 1921 में पटना यात्रा की स्मृति के दौरान किया था. वहीं, भारत की आजादी के कुछ दशकों बाद इसका नाम बदलकर PMCH (Patna Medical College and Hospital) कर दिया गया.
ओल्ड बॉयज हॉस्टल को भी गिराया गया
यह मेडिकल कॉलेज टेम्पल मेडिकल स्कूल से विकसित हुआ, जिसकी स्थापना 1874 में पटना में हुई थी. बांकीपुर जनरल हॉस्पिटल (बाद में पटना जनरल हॉस्पिटल) 1904 के आसपास बनाया गया था. यह अस्पताल पहले मेडिकल स्कूल और बाद में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हो गया.
कुछ महीने पहले PMCH के करीब एक सदी पुराने पहले छात्रावास ओल्ड बॉयज हॉस्टल को भी पुनर्विकास परियोजना के तहत गिरा दिया गया था. यह छात्रावास पुराने जनरल अस्पताल भवन के सामने स्थित था. पिछले कुछ महीनों से जनरल अस्पताल भवन को गिराने की तैयारी चल रही थी. इस प्रक्रिया के तहत, इमारत को गिराने का रास्ता साफ करने के लिए उसके पुराने दरवाजे और खिड़कियां हटा दी गईं थी.