सिवान जिले में एक घर के अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाने के दौरान बारूद में विस्फोट होने से 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना के बाद पटना में अग्निशमन विभाग सतर्क हो गया है. निदेशन-सह-राज्य अग्निशमन पदाधिकारी, बिहार, पटना से प्राप्त निर्देश के आलोक में पटाखों के अवैध निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है.
इसी क्रम में सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी, लोदीपुर, अजीत कुमार के नेतृत्व में कदमकुआं थाना क्षेत्र में पटाखा दुकानों और बिक्री स्थलों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान थोक विक्रेताओं, अस्थायी पटाखा बाजारों, अस्थायी स्टॉलों, आवासीय परिसरों की ऊपरी मंजिलों, तहखानों और घनी आबादी वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया. अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी स्थान पर अवैध तरीके से पटाखों का निर्माण, भंडारण या बिक्री नहीं की जाए.
पंजीकृत पटाखा विक्रेताओं को दुकानों के पास पर्याप्त पानी, पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र और बालू रखने की सलाह दी गई है. साथ ही, धूम्रपान निषेध का बोर्ड लगाने और लाइसेंस की निर्धारित सीमा के भीतर ही पटाखों का भंडारण करने का निर्देश दिया गया है. विक्रेताओं से निर्धारित प्रपत्र में घोषणा पत्र भी भरवाया जाएगा, ताकि त्योहार के दौरान आगजनी और विस्फोट जैसी घटनाओं को रोका जा सके.
मुजफ्फरपुर में भी जिला प्रशासन ने दीपावली से पहले पटाखा दुकानों की जांच तेज कर दी है. शनिवार (24 अक्टूबर, 2026) को गरीबनाथ मंदिर के पास स्थित पटाखा बाजार में छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में पांच दुकानों को सील कर दिया और बड़ी मात्रा में पटाखे जब्त किए.
यह अभियान उपमंडल पदाधिकारी (SDM) आनंद उत्सव के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी शामिल थे. जांच के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. टीम ने दुकानों का निरीक्षण कर यह जांच की कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन कर रही हैं या नहीं. कार्रवाई से पटाखा व्यापारियों में चिंता का माहौल बन गया, जबकि निरीक्षण के दौरान बाजार में लोगों की भीड़ भी जुट गई.
रिपोर्ट: प्रकाश कुमार सिन्हा
इनपुट: IANS