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त्योहारी सीजन से पहले ही बिहार सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली प्रोडक्ट को लेकर कमर कस ली है. अब दूध, दही, तेल, मसाले और दाल समेत अन्य खाद्य पदार्थों को कई टेस्ट से गुजरना होगा. खाद्य पदार्थों की टेस्टिंग करने के लिए पटना के अगमकुआं में स्थित 'कंबाइंड फूड एंड ड्रग लैबोटरी' को NABL की ओर से अगले 2 वर्षों के लिए मान्यता मिल गई है. इससे राज्य के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी मदद मिलेगी.
FSSAI के मानकों पर आधारित किए जाएंगे टेस्ट
बता दें कि इस लैब में खाद्य पदार्थों से संबंधित कुल 114 टेस्ट किए जा सकते हैं, जिनमें 29 जैविक तथा 85 रासायनिक परीक्षण शामिल हैं. ये परीक्षण निर्धारित भारतीय मानकों एवं FSSAI की ओर से निर्धारित वैज्ञानिक परीक्षण विधियों के अनुरूप किए जाएंगे.
दूध से लेकर खाद्य तेलों तक की जांच संभव
इस लैब में आटा, मैदा, सूजी, रवा, कॉर्न फ्लोर, कस्टर्ड पाउडर, बिस्कुट, केक, चिप्स, वेफर्स, पेस्ट्री, ब्रेड, बन, खारी, टोस्ट, कुकीज, रस्क, चाय, कॉफी, पनीर, खोया, नमक, दाल, खाद्य मसालों के साथ-साथ विभिन्न खाद्य तेलों समेत अनेक खाद्य एवं कृषि उत्पादों की जांच की जा सकेगी. दूध, दही या अन्य दुग्ध उत्पादों की टोटल प्लेट काउंट, कोलीफॉर्म काउंट, ई. कोलाई, साल्मोनेला, स्टैफिलोकोकस ऑरियस, यीस्ट और मोल्ड जैसी जांच की जा सकेगी. इसी तरह से सब्जी, फल एवं फल उत्पादों की टेस्टिंग की जाएगी. खाद्य मसालों और कंडिमेंट्स की गुणवत्ता की जांच होगी.
मिलावट की जांच पर विशेष जोर
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली खाद्य सामग्री मार्केट में काफी पहुंच जाती है, जिससे लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. इस लैब में खाद्य पदार्थों में मिलावट चेक करने के लिए भी कई टेस्ट किए जाने की सुविधा है. लैब के NABL के दिशा-निर्देशों के अनुसार कई महत्वपूर्ण टेस्ट किए जाएंगे, जिसमें विशेष रूप से Liquid Milk में Formalin और Hydrogen Peroxide की टेस्टिंग हो सकेगी. इसी तरह से Preservatives की जांच के साथ-साथ दूध एवं दुग्ध उत्पादों में Sugar, Starch, Urea, Foreign Fat, Neutralizers और Detergents जैसे संभावित adulterants की जांच की जा सकेगी. खाद्य तेलों की गुणवत्ता जांच के लिए Acid Value, Bellier Test, Refractive Index, Iodine Value, Moisture, Saponification Value, Reichert-Meissl Test, Sesame Oil Test और Argemone Oil जैसे टेस्ट किए जाएंगे.
सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश में नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो. अगमकुआं स्थित लैब को NABL की ओर से दो वर्षों की मान्यता मिलना, एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस मान्यता से विभिन्न खाद्य एवं खाद्य उत्पादों की जांच के लिए वैज्ञानिक और मानकीकृत व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी. खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी जांच व्यवस्था बेहद आवश्यक है.- निशांत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार सरकार
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश में नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो. उन्होंने कहा कि अगमकुआं स्थित लैब को NABL की ओर से दो वर्षों की मान्यता मिलना, एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस मान्यता से विभिन्न खाद्य एवं खाद्य उत्पादों की जांच के लिए वैज्ञानिक और मानकीकृत व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी जांच व्यवस्था बेहद आवश्यक है. सरकार का उद्देश्य है कि वैज्ञानिक जांच और प्रभावी निगरानी के माध्यम से आम लोगों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.