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JDU की रारः क्या ललन सिंह कराएंगे अनंत सिंह और नीरज कुमार में समझौता? नीतीश कुमार की मुलाकात ने जगाई उम्मीदें

अनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है. अगर अब अनंत सिंह के तेवर नरम पड़ते हैं, तो पार्टी में ललन सिंह का कद और बढ़ सकता है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 05, 2026, 12:33 PM IST | Updated: Oct 05, 2026, 01:33 PM IST
Image Credit: ललन सिंह से मिले नीतीश कुमार (Zee Media)
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जेडीयू में अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है. इससे पार्टी पर आगामी MLC चुनाव में भारी नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है. इस खतरे को देखते हुए अब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद मैदान में उतर चुके हैं. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (सोमवार, 5 अक्टूबर) की सुबह-सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के घर पहुंचे. यहां दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई. इसके बाद वह वापस लौट गए. इस मुलाकात का मकसद क्या था और मुलाकात के दौरान किन मु्द्दों पर चर्चा हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन सियासी जानकारों का मानना है कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के मुद्दे पर चर्चा जरूर हुई होगी. ललन सिंह से नीतीश कुमार की मुलाकात के बाद अब इस विवाद में समझौते की गुंजाइश नजर आने लगी है.

नीरज कुमार का खुला विरोध कर रहे अनंत सिंह

दरअसल, मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह खुलेआम नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने साफ कहा है कि वह नीरज कुमार को हराकर मानेंगे. इसके बावजूद वह खुद को पार्टी का समर्पित नेता बता रहे हैं. उनका कहना है कि एमएलसी चुनाव में पार्टी के निशान पर चुनाव नहीं लड़ा जाता है, इसलिए नीरज कुमार के विरोध को पार्टी का विरोध कहना, गलत है. 

नीरज कुमार के साथ खड़ी है जेडीयू

उधर, दूसरी ओर नीरज कुमार को पार्टी का पूरा समर्थन हासिल हो रखा है. नीतीश कुमार ने खुद उनको समर्थन पत्र देकर साफ कर दिया था कि पार्टी उनके साथ है. इसके बावजूद अनंत सिंह और नीरज कुमार कोई भी झुकने को तैयार नहीं है.

क्या ललन सिंह करा पाएंगे दोनों में समझौता?

वहीं, दो दिग्गज नेताओं के झगड़े में पार्टी की छवि को काफी नुकसान हो रहा है. इस विवाद को समाप्त करने के लिए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से लेकर कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, तक अपनी-अपनी कोशिश कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. संजय झा को जब इसमें सफलता नहीं मिली तो उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के कंधे पर यह जिम्मेदारी डाल दी, जबकि ललन सिंह ने साफ पल्ला छाड़ लिया. 

एक कार्यक्रम में ललन सिंह ने साफ कहा कि वह तभी समाधान करेंगे, जब उनमें (अनंत सिंह और नीरज कुमार) की ओर से कोई आएगा. ललन सिंह के इस बयान से पार्टी की आखिरी उम्मीद भी समाप्त हो गई थी. इसके बाद अब नीतीश कुमार ने ललन सिंह से मुलाकात की है. अब देखना होगा कि क्या वह इस विवाद में समझौता करा पाएंगे या नहीं.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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