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UCC को देश के लिए सही मानते हैं नीतीश कुमार, लेकिन बिहार में इसके पक्ष में नहीं, इसके पीछे की वजह जान लीजिए

जनता दल यूनाइटेड बिहार में कुछ हद तक मुस्लिम वोटरों को भी एड्रेस करता है. बहुतायत में तो नहीं, लेकिन कुछ उदारवादी मुस्लिमों के बीच नीतीश कुमार की छवि बहुत अच्छी है और वे उनके नाम पर वोट भी करते हैं. इसी कारण नीतीश कुमार की पार्टी यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता को लेकर बीजेपी से अलग राय रखती है.

UCC को देश के लिए सही मानते हैं नीतीश कुमार, लेकिन बिहार में इसके पक्ष में नहीं, इसके पीछे की वजह जान लीजिए
Image Credit: नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष (File Photo)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता को लेकर दिए गए बयान पर बिहार की सियासत गरमा गई है. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला जनता दल यूनाइटेड खुलकर विरोध में उतर आया है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने तो इस मुद्दे को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से मिलने तक की बात कह दी है. वहीं, पार्टी के नेता समान नागरिक संहिता के खिलाफ लगातार अपने बयान दे रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी जनता दल यूनाइटेड और लोजपा रामविलास से समान नागरिक संहिता को लेकर अपना रुख साफ करने को कहा है.

आइए, सबसे पहले जानते हैं कि मुंबई में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में गृह मंत्री अमित शाह ने क्या बातें कही थीं:

साल 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के सभी 21 राज्य एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा. पूरे देश के लिए एक कानून लागू करने बजाय, इसे राज्यों के स्तर पर लागू करने की रणनीति पर हम काम कर रहे हैं. उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्य इस दिशा में पहले ही कदम उठा चुके हैं. जिस तरह तीन तलाक खत्म करके मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिया गया है, उसी तरह यूसीसी नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों जैसे शादी, तलाक और विरासत में एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करेगा.

समान नागरिक संहिता के मामले में जनता दल यूनाइटेड अपने सर्वोच्च नेता नीतीश कुमार के पूर्व में दिए गए बयानों पर अडिग दिखाई दे रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि हमारे नेता ने पहले ही इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और उसमें कोई परिवर्तन नहीं आया है. आइए जानते हैं कि नीतीश कुमार ने 2017 में समान नागरिक संहिता को लेकर क्या कहा था:

समान नागरिक संहिता को एक सुधार उपाय के रूप में देखना चाहिए, जो लोगों के कल्याण के लिए हो. लोगों की इच्छाओं के खिलाफ और बिना व्यापक विचार-विमर्श के जल्दबाजी में थोपा जाने वाला राजनीतिक साधन इसे नहीं बनाया जाना चाहिए. विभिन्न धार्मिक समूहों खासतौर से अल्पसंख्यकों की सहमति और व्यापक परामर्श के बिना यूसीसी को लागू करने के किसी भी प्रयास से सामाजिक असंतोष पैदा हो सकता है और धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी में लोगों का विश्वास कमजोर हो सकता है.

2023-24 में भी नीतीश कुमार ने यूसीसी को लेकर एक बड़ा बयान दिया था, जो आज के राजनीतिक हालात में भी मौजूं प्रतीत होता है. इस बारे में उन्होंने विधि आयोग को भी पत्र लिखा था. जानिए, उन्होंने क्या कहा था:

हम समान नागरिक संहिता के खिलाफ नहीं है, लेकिन इस मुद्दे पर सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा होनी चाहिए और आम सहमति से ही इस विषय को सुलझाया जाना चाहिए. राष्ट्रीय स्तर पर इस बिल का समर्थन करते हैं, लेकिन इसे अपने राज्य बिहार में लागू करने की अनुमति नहीं देंगे. बिहार में यूसीसी लागू नहीं होगा.

नीतीश कुमार के इसी बयान को दोहराते हुए पार्टी नेता श्याम रजक ने अमित शाह के बयान पर रिएक्शन दिया है. श्याम रजक का कहना था:

हमारे सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार ने यह तय कर दिया था कि बिहार राज्य में इसे लागू नहीं किया जाएगा. आज भी हम उसी स्टैंड पर कायम हैं. बिहार में किसी भी कीमत पर यूसीसी लागू नहीं होगा.

पार्टी नेता और एमएलसी नीरज कुमार ने इस पर पार्टी की स्थिति को और स्पष्ट करते हुए कहा:

जनता दल यूनाइटेड का मानना है कि यूसीसी लागू करने से देश के किसी भी समुदाय या वर्ग की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए. यह देश सबका है और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने सभी को अधिकार दिए हैं. हम उम्मीद करते हैं कि कोई भी वर्ग आहम महसूस न करे.

जनता दल यूनाइटेड के एक और एमएलसी खालिद अनवर ने भी कड़ा रुख अख्तियार कहा:

यूसीसी एनडीए का एजेंडा नहीं है. एनडीए का एजेंडा देश का विकास और बिहार की तरक्की है. यह भारतीय जनता पार्टी का निजी एजेंडा है. बीजेपी नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके साथ गठबंधन में शामिल सभी दलों की अपनी अलग विचारधारा है.

इस बारे में भारतीय जनता पार्टी नेता दानिश इकबाल का कहना है:

मुझे श्याम रजक जी के बयान के बारे में पता नहीं है. एनडीए इस मुद्दे पर पूरी तरह एकमत है. इस मुद्दे पर एनडीए गठबंधन के साथी एकजुटता दिखा चुके हैं. सभी घटक दलों के साथ बातचीत के बाद ही इसे लागू किया जाएगा. चाहे वो नीतीश कुमार जी हों, चिराग पासवान जी हों, मांझी जी हों या उपेंद्र कुशवाहा जी हों. इसको लेकर बिल्कुल भी टकराव नहीं है. एनडीए कोई भी नीति आपसी बातचीत के जरिए ही लागू करता है.

अमित शाह के बयान के बाद आज मंगलवार को जनता दल यूनाइटेड के बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड स्थि​त आवास पर जमा हुए हैं और हो सकता है कि वहां से भारतीय जनता पार्टी को कोई बड़ा संदेश मिले.

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Sunil Mishra

Sunil Mishra

इंडस्ट्री में 2 दशकों का अनुभव है तो खबरों की बाजीगरी आती है. डिजिटल मीडिया में आधे दशक हो चुके हैं. लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में काम करना डिजिटल की दुनिया में मददगार साबित हुआ. दैनिक जागरण से शुरू हुआ सफर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, News Nation, ABP और India Ahead होते हुए Z Bihar Jharkhand तक पहुंचा है. बिहार और झारखंड की स्थानीय और राजनीतिक खबरों की विशेष समझ.
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