आहत तो ललन सिंह भी हैं!: नीरज कुमार और अनंत सिंह विवाद के तार 2024 के लोकसभा और 2025 के विधानसभा चुनाव से जुड़े
ललन सिंह ने एक बात सही कहा कि ताली दोनों हाथों से बजती है. अगर नीरज सिंह ने अनंत सिंह का समर्थन नहीं किया तो वे फिर क्यों अनंत सिंह का समर्थन हासिल करना चाहते हैं. कोई जोर-जबर्दस्ती तो है नहीं. हालांकि, इस मामले में अभी नीरज सिंह का पक्ष नहीं आया है और पार्टी की भलाई के लिए अब कोई पक्ष आना भी नहीं चाहिए.
बिहार विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार बनाम अनंत सिंह विवाद का पटाक्षेप हो गया लगता है, लेकिन कसक अभी बाकी है. विवाद केवल इन दोनों नेताओं के बीच का नहीं था, क्योंकि आहत तो केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी दिखते हैं. हालांकि, ललन सिंह को पार्टी ने नीरज कुमार बनाम अनंत सिंह विवाद का पटाक्षेप कराने का जिम्मा दिया था. ललन सिंह ने अनंत सिंह से बात की. ललन सिंह ने बताया कि पार्टी ने उन्हें नीरज कुमार बनाम अनंत सिंह विवाद को शांत करने की जिम्मेदारी सौंपी थी. मैंने अनंत सिंह से कहा कि आप कोई सार्वजनिक बयान न दें, इस पर अनंत सिंह सहमत हो गए हैं.
इसके बाद जो ललन सिंह ने बोला, वो अंडरलाइन करने वाला था. ललन सिंह ने कहा, अगर कोई क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया तो होगी ही. ताली एक हाथ से नहीं बजती. विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह का विरोध किया गया था, तब पार्टी ने उसे नहीं सुलझाया था, जो प्रदेश नेतृत्व की चूक कही जा सकती है. अनंत सिंह ने कहा कि जिसने मेरा विरोध किया, हम उसके लिए वोट नहीं मांगेंगे. मैंने उनसे कहा कि आप कोई सार्वजनिक बयान न दें, इस पर वे सहमत हो गए हैं.
उन्होंने बताया कि अनंत सिंह की पार्टी से कुछ शिकायतें हैं. 2024 में नीतीश कुमार जी की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब पार्टी के कई नेताओं ने उनसे सरकार का समर्थन करने की अपील की थी. उस समय अनंत सिंह ने नीतीश कुमार जी के प्रति सम्मान और बिहार में विकास को देखते हुए समर्थन किया था. इसके बाद नीतीश कुमार जी ने 2025 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह को मोकामा से चुनाव लड़ने को कहा था. ललन सिंह कहते हैं कि इस बात के गवाह मौजूदा कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी हैं. तब नीरज सिंह ने उनका समर्थन नहीं किया था.
ललन सिंह का कहना है कि पार्टी की बैठक में हाल ही में अनंत सिंह ने अपनी शिकायतें रखी थीं, लेकिन उनकी बातों का कोई जवाब नहीं मिला था. यही कारण है कि अनंत सिंह ने नीरज सिंह के लिए वोट मांगने से इनकार कर दिया. ललन सिंह ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि मुंगेर से 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ भी माहौल बनाया गया था.
इन सब बातों से जाहिर है कि अनंत सिंह को ललन सिंह का साथ हासिल है तो नीरज सिंह को पार्टी के दूसरे धड़े का समर्थन मिला हुआ है, लेकिन इन दोनों धड़ों के चक्कर में पार्टी का नुकसान हो रहा है. नीरज कुमार और अनंत सिंह विवाद ही में पार्टी की साख को धक्का लगा है. अब देखना होगा कि पार्टी विधान परिषद चुनाव और उसके बाद के दिनों में इस नुकसान की भरपाई कैसे कर पाएगी.