मुकेश सहनी का फेसबुक पेज हैक: साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज, मेटा से लॉगिन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा
पूर्व मंत्री मुकेश सहनी का आधिकारिक फेसबुक पेज हैक हो गया है. सोशल मीडिया प्रभारी जितेंद्र कुमार ने कानूनी कार्रवाई की अपील की है. साथ ही, मेटा से लॉगिन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए कहा है.
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी के आधिकारिक फेसबुक पेज को कथित रूप से हैक कर अनधिकृत नियंत्रण प्राप्त किए जाने का मामला सामने आया है. इस संबंध में उनके सोशल मीडिया प्रभारी जितेंद्र कुमार ने पटना साइबर थाने में आवेदन देकर एक प्राथमिकी दर्ज करवाई है और मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
फेसबुक पेज का दुरुपयोग करने की आशंका
साइबर थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में जितेंद्र कुमार ने बताया है कि पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के आधिकारिक फेसबुक पेज (https://www.facebook.com/sonofmallah) का इस्तेमाल उनकी सार्वजनिक गतिविधियों, आधिकारिक सूचनाओं और महत्वपूर्ण संदेशों को लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है. पेज पर कथित तौर पर अनधिकृत पहुंच और नियंत्रण प्राप्त किए जाने से उसके दुरुपयोग की आशंका पैदा हो गई है.
सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की आशंका
आवेदन में कहा गया है कि फेसबुक पेज पर अनधिकृत नियंत्रण के कारण भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने और मुकेश सहनी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका है. इसे गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है.
की जानी चाहिए संदिग्ध गतिविधियों की तकनीकी जांच
जितेंद्र कुमार ने अपने आवेदन में साइबर फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि फेसबुक पेज से जुड़े लॉगिन रिकॉर्ड, ईमेल और मोबाइल नंबर में किए गए संभावित बदलावों और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की तकनीकी जांच की जानी चाहिए. इसके साथ ही फेसबुक की मूल कंपनी मेटा से समन्वय स्थापित कर संबंधित डिजिटल साक्ष्यों और लॉगिन रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है.
दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग
आवेदन में पेज का नियंत्रण उसके अधिकृत संचालक को वापस दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी अनुरोध किया गया है. साथ ही, जांच के दौरान सामने आने वाले लोगों की भूमिका और संलिप्तता का तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की गई है.
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साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए संबंधित व्यक्तियों पुष्टि
शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दिया गया है. संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जानी है. अब इस पूरे मामले में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही मिल पाएगी. साइबर थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है.