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डीएम सौरभ सुमन यादव का ऑन-द-स्पॉट एक्शन: मोतिहारी जनता दरबार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अफसर, शिकायतों का तुरंत हुआ निपटारा

Motihari News: मोतिहारी में डीएम सुमन सौरभ यादव के जनता दरबार में नई व्यवस्था के तहत 250 से अधिक मामलों की सुनवाई हुई. इनमें 150 से अधिक मामलों का मौके पर समाधान किया गया. जानिए भूमि विवाद, पेंशन, प्रमाण पत्र और पुलिस से जुड़े मामलों पर क्या निर्देश दिए गए.

डीएम सौरभ सुमन यादव का ऑन-द-स्पॉट एक्शन: मोतिहारी जनता दरबार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अफसर, शिकायतों का तुरंत हुआ निपटारा
Image Credit: डीएम सौरभ सुमन यादव का ऑन-द-स्पॉट एक्शन (zee media)

Motihari News: मोतिहारी में अब एक नई पहल के साथ डीएम का जनता दरबार लगना शुरू हुआ है. इस नई पहल के तहत एक दिन के जनता दरबार में 250 से अधिक मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 150 से अधिक मामलों का मौके पर ही डीएम सुमन सौरभ यादव ने समाधान कर दिया. शेष मामलों के निपटारे के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जुड़े संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए. डीएम सुमन सौरभ यादव ने प्रत्येक आवेदक से उसकी समस्या के संबंध में पूरी जानकारी ली और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों के निष्पादन के स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्राप्त आवेदनों का निष्पादन केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक मामले की वास्तविक जमीनी स्थिति की जांच करते हुए नियमानुसार उचित समाधान सुनिश्चित किया जाए. साथ ही, सभी मामलों का तय समय पर निष्पादन करने और आवेदकों को की गई कार्रवाई से अनिवार्य रूप से अवगत कराने का निर्देश भी दिया.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जुड़े पदाधिकारी
पहली बार जनता दरबार की सुनवाई के दौरान जिला, अनुमंडल और प्रखंड/अंचल के सभी पदाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने का निर्देश दिया गया था. इसका अनुपालन करते हुए सभी पदाधिकारी VC के माध्यम से जुड़े रहे. डीएम आवेदकों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को उनके त्वरित निष्पादन का निर्देश देते रहे. मोतिहारी के जनता दरबार में शुरू हुई इस व्यवस्था ने फरियादियों को डीएम से मिलने के बाद अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाने में मदद की। तुरंत निष्पादन की इस पहल से जनता दरबार में पहुंचे लोगों को काफी राहत मिलती दिखाई दी.

मामलों के निष्पादन आवश्यक दिशा-निर्देश
भूमि से संबंधित मामलों में सबसे अधिक आवेदन दाखिल-खारिज, अतिक्रमण, सीमांकन, भूमि विवाद, भूमि मुआवजा और बंदोबस्ती के तहत पर्चा निर्गत करने से जुड़े पाए गए. जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी अंचलाधिकारियों, भूमि सुधार उप-समाहर्ताओं और अपर समाहर्ता (राजस्व) को भूमि से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. भूमि विवाद और अतिक्रमण से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए संबंधित अनुमंडलाधिकारी एवं भूमि सुधार उप-समाहर्ता को यथाशीघ्र जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए. इनके निष्पादन के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को यथाशीघ्र प्रमाण पत्र जारी कर अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया गया. सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत पेंशन से संबंधित आवेदनों पर भी आवश्यक निर्देश दिए गए.

'वन स्टॉप सेंटर' जाने की सलाह
गृह विभाग के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज नहीं करने और जख्म प्रतिवेदन न्यायालय को समर्पित नहीं करने से संबंधित कई आवेदन प्राप्त हुए. इनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित थानाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए गए. डीएम के जनता दरबार में पारिवारिक विवाद से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए. इनके समाधान के लिए आवेदक/आवेदिका को 'वन स्टॉप सेंटर' जाने की सलाह दी गई और उन्हें केंद्र तक पहुंचाया गया.

रिपोर्ट: पंकज कुमार

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Rupak Kumar

Rupak Kumar

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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