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हमारे खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं?: रामपुकार सिन्हा के निलंबन के बाद रामेश्वर महतो ने दिया बड़ा बयान

राष्ट्रीय लोक मोर्चा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के सामने अजीब स्थिति पैदा हो गई है. बेटे को बिना विधायक चुने मंत्री बनाने से उनकी पार्टी में असंतोष अब घर कर गया है. उनकी पार्टी के एकमात्र विधायक पत्नी स्नेहलता कुशवाहा को छोड़कर तीनों विधायक उनके खिलाफ हो गए हैं और यह पहली बार नहीं हुआ है.

हमारे खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं?: रामपुकार सिन्हा के निलंबन के बाद रामेश्वर महतो ने दिया बड़ा बयान
Image Credit: रामेश्वर महतो, रालोमो विधायक (Video Grab)

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के बागी उम्मीदवार रामपुकार सिन्हा के पार्टी से निलंबन के बाद विधायक रामेश्वर महतो ने बड़ा बयान दिया है. महतो का कहना है कि जब रामपुकार सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की गई है, तो हमारे खिलाफ क्यों नहीं की जा रही है? हम तीनों विधायकों के खिलाफ भी पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए. इन तीन विधायकों ने ही रामपुकार सिन्हा को प्रत्याशी के रूप में उतारा है और उन्हें अपना समर्थन भी दिया है.

रामेश्वर महतो ने कहा कि रामपुकार सिन्हा जी एक वरिष्ठ साथी हैं. पार्टी के साथ शुरुआती दौर से ही उन्होंने बहुत मेहनत किया है. वे पिछले एक साल से चुनाव की तैयारी कर रहे थे. इस दौरान कई बार वो हम सभी के नेता उपेंद्र कुशवाहा जी से मुलाकात की है. उनकी जो भी बातें हुई होंगी, उन्होंने जरूर हर बार कहा है कि हमने तैयारी की हुई है, हमें यहां से लड़ना है. बहरहाल, जो भी हुआ, चुनाव की तैयारी उनकी थी, हम लोग उनके नॉमिनेशन में गए और जो कार्रवाई अभी हुई है, वो सिर्फ उन्हीं पर नहीं होनी चाहिए थी. कार्रवाई होनी है तो हम तीन विधायकों पर भी होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि हमारे साथ जो भी कार्यकर्ता नामांकन में मौजूद थे, सब पर कार्रवाई होनी चाहिए. कार्रवाई करने की जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष जी उनको बुलाते, उनसे बैठकर बात करते, उनकी भी कहीं कोई सेटलमेंट, उनकी भी कहीं सम्मान की बात होती. इस प्रकार से उनको मनाने का काम होना चाहिए था, न कि निलंबित करने का. महतो ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा जी के लिए रामपुकार जी ने हमेशा झंडा उठाया है. उनको भी आशीर्वाद देना चाहिए. उपेंद्र कुशवाहा जी को सपरिवार रामपुकार सिन्हा जी की मदद करनी चाहिए.

कुशवाहा जी ने सत्ता लोलुपता को दर्शाया: पंकज यादव

कांग्रेस प्रवक्ता पंकज यादव ने इस मसले पर कहा कि बिहार की राजनीति का जो तापमान बढ़ा है, उसका अंदाजा आप लगा लीजिए. कुशवाहा जी ने विधायकों को न निकालकर एक कार्यकर्ता को निकाला है. यह उनकी सत्ता लोलुपता को दर्शाता है. सत्ता के लिए किस हद तक चले गए हैं. आम कार्यकर्ता हमेशा दुर्भावना का शिकार होता है और इनकी हिम्मत नहीं है कि विधायकों पर कार्रवाई कर सकें. कार्यकर्ता को इसलिए निकाला गया है कि इनके विधायक कम न हो जाएं.

अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जो जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी: बचौल

​बीजेपी के पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा, एनडीए के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध जो भी प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा, वो अनुशासन को भंग करेगा. इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने दो बागियों को निकाला है. उपेंद्र कुशवाहा जी ने भी बागी को निलंबित किया है. अगर विधायक कह रहे हैं कि हमको क्यों नहीं निकाला, तो अनुशासनहीनता करने पर तो सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन कुल मिलाकर एनडीए आठों सीट जीतेगा. चाहे वह स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हो, चाहे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हो, एनडीए के उम्मीदवार बड़े मार्जिन से चुनाव जीतेंगे.

विधायकों पर कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाइए कुशवाहा जी: शक्ति यादव

RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि निलंबन से आक्रोश नहीं दबाया जा सकता. रालोसपा में जो आग लगी हुई है, उसको बुझा लेंगे क्या? पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बने उपेंद्र कुशवाहा जी, आप तो प्रत्यारोपण कर दिए, कोई इलेक्शन जीत के तो बेटा आया नहीं. अब तीनों विधायक आप पर आंख लाल किए हुए हैं. हिम्मत है तो तीनों विधायकों को जरा निकालकर दिखाइए. पूरे बिहार में आक्रोश है, कीमत चुकानी पड़ेगी. आठ जगहों पर चुनाव है. देखिएगा रिजल्ट क्या होने वाला है. इन लोग की तो आग ऐसी लगी है कि दमकल से नहीं बुझेगा. देश की हालत चिंताजनक है. बीजेपी सरकार देश को अराजकता की आग में ढकेल रही है. इमरजेंसी में ले जा रही है. 75 में जो इमरजेंसी लगी थी, उससे खतरनाक डिजाइन भारतीय जनता पार्टी ने देश में थोपा है.

जो अनुशासन भंग करेगा, उस पर कार्रवाई होगी: अंजुम आरा

जदयू प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा, एनडीए गठबंधन में अनुशासन सर्वोपरि है. जो भी गठबंधन के खिलाफ जाएगा, पार्टियां कार्रवाई करेंगी. चाहे भाजपा हो, या राष्ट्रीय लोक मोर्चा. विधायकों का जहां तक सवाल है, यह उस पार्टी का अंदरूनी मामला है. सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए गठबंधन की ओर से जेडीयू के आनंद पुष्कर जी हमारे प्रत्याशी हैं और पांचों घटक दलों के नेता उनकी जीत के लिए काम कर रहे हैं. डेमोक्रेसी में हार और जीत को हमेशा आप जानते हैं कि जनता तय करती है. विपक्ष के पास बोलने के अलावा कुछ बचा ही नहीं है. 2025 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा झटका खाए हैं. बिहार की अवाम ने राजद को 25 सीटों पर समेट दिया है.

रिपोर्ट: रूपेंद्र श्रीवास्तव

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