बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: महागठबंधन में रार तो एनडीए के लिए भी बन गया नाक का सवाल, लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही जन सुराज पार्टी
जन सुराज पार्टी ने कई जगह मुकाबले को त्रिकोणीय तो बागियों ने कुछ सीटों पर बहुकोणीय बना दिया है. इसलिए सभी दलों की धुकधुकी बढ़ी हुई है. ऐसे में सभी की नजरें जन सुराज पार्टी की ओर टिकी हैं. अगर वह एक या दो सीट भी निकाल लेती है तो यह उसकी बड़ी उपलब्धि होगी.
पटना: एनडीए में विधान परिषद की दो सीटों पर बगावत और महागठबंधन में रार के बीच बिहार विधान परिषद चुनाव अब दिलचस्प होता जा रहा है. गठबंधनों के भीतर आपसी खींचतान, बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी और जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों की सक्रियता ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय और बहुकोणीय बना दिया है. ऐसे में विधान परिषद की आठ सीटों का चुनाव न केवल महागठबंधन, बल्कि सत्तारूढ़ एनडीए के लिए भी एक तरह से नाक का सवाल बन गया है.
एनडीए के लिए उन सीटों पर चुनौती बढ़ी है, जहां गठबंधन के घटक दलों के समर्थक या असंतुष्ट उम्मीदवार मैदान में उतर गए हैं. दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वाम दल भी कई सीटों पर आमने-सामने की लड़ाई के बजाय अलग-अलग उम्मीदवारों के जरिए अपनी ताकत आजमाते नजर आ रहे हैं. इससे मतों के बिखराव की संभावना बढ़ गई है.
पटना स्नातक सीट पर जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ राजद के दिलीप कुमार, कांग्रेस के एम. असदुल्लाह और जन सुराज के अनुज सिंह मैदान में हैं. अन्य प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है. दरभंगा स्नातक सीट पर भी भाजपा, राजद, कांग्रेस और माले के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है. यहां भाजपा के सर्वेश कुमार, राजद के अनिल झा, कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और माले के संदीप चौधरी मैदान में हैं.
कोसी स्नातक सीट की बात करें तो राजद के नितेश कुमार और कांग्रेस के मनोज जायसवाल आपस में ही जूझ रहे हैं. तिरहुत स्नातक से जदयू अभिषेक झा, राजद से रशिम विवेक गौतम के बीच सीधे मुकाबला है, जबकि वंशीधर वृजवासी त्रिकोणीय मुकाबला बना रहे हैं.
शिक्षक सीटों पर भी स्थिति कम दिलचस्प नहीं है. पटना शिक्षक सीट पर भाजपा के नवल किशोर यादव, राजद के संजीव कुमार और कांग्रेस के संजय कुमार के बीच मुकाबला है. सारण शिक्षक सीट पर जन सुराज के अफाक अहमद, जदयू के आनंद पुष्कर, राजद के जयराम यादव और निर्दलीय रामपुकार सिन्हा मैदान में हैं.
दरभंगा शिक्षक सीट पर महागठबंधन के भीतर भी मतभेद का असर दिख रहा है. कांग्रेस के निवर्तमान एमएलसी मदन मोहन झा के खिलाफ राजद के कुमार राउत और सीपीएम के रामदेव राय उम्मीदवार मैदान में हैं. वहीं तिरहुत शिक्षक सीट पर भी भाजपा, कांग्रेस, जदयू, राजद, सीपीआई और जन सुराज के उम्मीदवारों के कारण मुकाबला बहुकोणीय हो गया है.
इन चुनावों में गठबंधन उम्मीदवारों के साथ-साथ बागियों और तीसरे मोर्चे के प्रत्याशियों का प्रदर्शन निर्णायक साबित हो सकता है. ऐसे में विधान परिषद चुनाव सिर्फ प्रत्याशियों की लोकप्रियता की परीक्षा नहीं, बल्कि एनडीए की एकजुटता, सहयोगी दलों के बीच तालमेल और जमीनी पकड़ की भी बड़ी परीक्षा बन गया है. बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है.
-आईएएनएस